स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत 49.66 करोड़ के 50 कार्यों को मंजूरी, 42 आकांक्षी शौचालय भी होंगे निर्मित

छत्तीसगढ़ में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 49 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत वाले 50 कार्यों को मंजूरी दी गई है। राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में 42 आकांक्षी शौचालयों के साथ सतत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अनुपचारित जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। जीरो वेस्ट मॉडल को बढ़ावा देने और कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण पर भी जोर दिया गया।

Sep 25, 2026 - 09:56
 0  2
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत 49.66 करोड़ के 50 कार्यों को मंजूरी, 42 आकांक्षी शौचालय भी होंगे निर्मित

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l शहरों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ में 49 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत वाले 50 कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं में 42 आकांक्षी शौचालयों के साथ सतत स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अनुपचारित जल प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं। परियोजनाओं के पूरा होने से नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार और मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में मंत्रालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की 13वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न नगरीय निकायों से प्राप्त स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा के बाद 50 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।

स्वीकृत परियोजनाओं में 42 आकांक्षी शौचालयों का निर्माण भी शामिल है। इन शौचालयों के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों के लिए आवश्यक स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अनुपचारित जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को भी मंजूरी दी गई है, जिससे शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन की निगरानी के लिए परियोजना पर्यवेक्षण सलाहकार यानी PMC की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। इससे परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा होने की निगरानी में मदद मिलेगी।

अनुपचारित जल प्रबंधन के अंतर्गत पांच नगरीय निकायों से प्राप्त निविदा दरों से संबंधित प्रस्तावों पर भी आवश्यक स्वीकृतियां जारी की गईं। इन स्वीकृतियों के बाद संबंधित नगरीय निकायों में जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में जल और अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।

जीरो वेस्ट मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में कचरे के स्रोत स्तर पर ही पृथक्करण करने, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा हुई। स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार नवाचार आधारित मॉडल विकसित करने तथा सफल मॉडलों को व्यापक स्तर पर लागू करने के संबंध में भी सुझाव दिए गए।

स्वच्छता व्यवस्था को केवल कचरा संग्रहण तक सीमित रखने के बजाय कचरे के स्रोत से लेकर उसके वैज्ञानिक प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण तक पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया। इससे शहरों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और अपशिष्ट को उपयोगी संसाधनों में बदलने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

समिति ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में कहा गया कि परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन से इनका लाभ जल्द से जल्द आम नागरिकों तक पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली सतत स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, वित्त विभाग और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि, भारत सरकार के प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी ऑनलाइन और भौतिक रूप से शामिल हुए। स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी के माध्यम से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।