एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ चला जागरूकता अभियान, अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली शपथ
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा एकल उपयोग प्लास्टिक के बहिष्कार और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया गया। विभिन्न संस्थानों में अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को प्लास्टिक का उपयोग न करने की शपथ दिलाई गई तथा जूट के थैले वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा एकल उपयोग प्लास्टिक के बहिष्कार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। मंडल मुख्यालय के निर्देशानुसार तथा क्षेत्रीय अधिकारी प्रकाश कुमार रबड़े के मार्गदर्शन में विभिन्न शैक्षणिक एवं शासकीय संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के तहत शंकरनगर स्थित शंकरनगर विद्या स्कूल, आकाशवाणी केंद्र तथा दूरदर्शन केंद्र में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही उन्हें जूट के थैले भेंट कर पर्यावरण हितैषी विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने प्लास्टिक थैलों और प्लास्टिक की झिल्लियों के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। बताया गया कि एकल उपयोग प्लास्टिक पर्यावरण, जल स्रोतों, वन्यजीवों और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। प्लास्टिक अपशिष्ट के कारण भूमि और जल प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्लास्टिक के स्थान पर जूट, कपड़े और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाना समय की आवश्यकता है।
अभियान के दौरान उपस्थित सभी लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं प्लास्टिक का उपयोग बंद करें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। अधिकारियों ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में छोटा-सा प्रयास भी करता है, तो प्लास्टिक प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इस अभियान को केवल एक जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त वातावरण का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण मंडल की मुख्य रसायनज्ञ नीलिमा सोनकर, चंद्रिका कंवर तथा वैज्ञानिक नंदिता बनाफर सहित मंडल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण के लिए सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में भी विभिन्न संस्थानों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाया जा सके। अभियान का उद्देश्य लोगों में व्यवहारिक बदलाव लाकर एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करना और स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।