सिकोसा-खुटेरी में रेत माफियाओं का आतंक, तांदुला नदी में धड़ल्ले से अवैध उत्खनन

बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र के सिकोसा और खुटेरी गांव के बीच तांदुला नदी में अवैध रेत उत्खनन का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने रेत माफियाओं पर खुलेआम नदी से रेत निकालने, विरोध करने वालों को धमकाने और प्रशासनिक संरक्षण मिलने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

May 23, 2026 - 11:13
May 23, 2026 - 11:14
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सिकोसा-खुटेरी में रेत माफियाओं का आतंक, तांदुला नदी में धड़ल्ले से अवैध उत्खनन

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिकोसा से खुटेरी के बीच बहने वाली तांदुला नदी में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया दिन-रात नदी से ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के जरिए धड़ल्ले से रेत निकाल रहे हैं, जिससे नदी का स्वरूप बिगड़ने लगा है और क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक तांदुला नदी में लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। नदी के किनारों का कटाव बढ़ गया है और कई जगहों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे बारिश के मौसम में हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बड़ी संख्या में ट्रैक्टर नदी में उतरते हैं और बिना किसी रोक-टोक के रेत का परिवहन किया जाता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध उत्खनन का विरोध करने पर रेत माफियाओं के गुर्गे गाली-गलौज और धमकी पर उतर आते हैं। कई बार विवाद की स्थिति भी बन चुकी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ी गैंगवार या गंभीर दुर्घटना हो सकती है। महिलाओं और बुजुर्गों में भी भय का माहौल है।

स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों ने जिला खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रसूखदार लोगों को संरक्षण देकर अवैध रेत कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की रेत चोरी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं अवैध परिवहन के कारण गांव की सड़कें भी पूरी तरह खराब हो चुकी हैं।

ग्रामीणों के अनुसार भारी वाहनों और ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही से सड़कें जगह-जगह उखड़ गई हैं। धूल और शोर से आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की चुप्पी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

क्षेत्रवासियों ने बालोद कलेक्टर और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि तांदुला नदी में चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर नदी और पर्यावरण को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की है।