शहीद टीआई विनोद ध्रुव का शहादत दिवस मनाया गया, ग्रामीणों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमगांव में शहीद टीआई विनोद ध्रुव का शहादत दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। ग्रामीणों, परिजनों और क्षेत्रवासियों ने स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ग्रामीणों ने उनकी वीरता और नक्सलवाद के खिलाफ दिए गए बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनकी शहादत आज नक्सल मुक्त हुए क्षेत्र के लिए प्रेरणा है।

Jul 13, 2026 - 10:37
 0  13
शहीद टीआई विनोद ध्रुव का शहादत दिवस मनाया गया, ग्रामीणों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र स्थित ग्राम आमगांव में शहीद टीआई विनोद ध्रुव का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, परिजन और क्षेत्र के लोग शहीद स्मारक पहुंचे तथा पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान पूरे गांव में भावुक माहौल देखने को मिला और परिजनों की आंखें भी नम हो गईं।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने शहीद विनोद ध्रुव के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा को याद किया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और उनकी शहादत व्यर्थ नहीं गई। ग्रामीणों का कहना था कि आज क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों में आई कमी और जिले के नक्सल मुक्त होने की दिशा में उनकी कुर्बानी प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

विनोद ध्रुव राजनांदगांव जिले के मोहला क्षेत्र में थाना प्रभारी (टीआई) के पद पर पदस्थ थे। मदनवाड़ा क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान के दौरान वे बहादुरी से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। उनकी शहादत को आज भी प्रदेश के साहसिक पुलिस अधिकारियों के बलिदान के रूप में याद किया जाता है।

कार्यक्रम में मौजूद लखन लाल ध्रुव और लक्ष्मी ध्रुव ने बताया कि विनोद ध्रुव बचपन से ही मेधावी, अनुशासित और देश सेवा के प्रति समर्पित थे। उन्होंने कठिन परिश्रम से पढ़ाई की और पुलिस सेवा में भर्ती होकर समाज तथा देश की सेवा का संकल्प पूरा किया। उनके स्वभाव में लोगों के प्रति आत्मीयता और मदद की भावना हमेशा दिखाई देती थी।

परिजनों ने बताया कि विनोद ध्रुव नक्सल हिंसा से बेहद चिंतित रहते थे। उनका मानना था कि नक्सल संगठन ग्रामीण युवाओं को गुमराह कर उनके भविष्य को अंधकारमय बना रहा है। अपने कार्यकाल के दौरान वे लगातार युवाओं से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील करते रहे। वे चाहते थे कि विकास, शिक्षा और शांति के माध्यम से क्षेत्र आगे बढ़े।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान समाज और राष्ट्र के लिए अमूल्य है। ऐसे वीर सपूतों की शहादत नई पीढ़ी को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और साहस का संदेश देती है। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि शहीद विनोद ध्रुव के आदर्शों और राष्ट्र सेवा की भावना को हमेशा याद रखा जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा और उनके बलिदान को नमन किया। पूरे आयोजन में गांव के लोगों ने एक स्वर में कहा कि शहीद विनोद ध्रुव की वीरता और देश के प्रति समर्पण हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।