विकसित भारत की ओर बड़ा कदम: SBI RSETI बेमेतरा के निःशुल्क राजमिस्त्री प्रशिक्षण से ग्रामीण युवाओं को मिला स्वरोजगार
SBI RSETI बेमेतरा ने ग्राम गोपालभैना में 30 दिवसीय निःशुल्क राजमिस्त्री प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया। प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को निर्माण कार्य की आधुनिक तकनीकों, वित्तीय साक्षरता और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। समापन समारोह में प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र और टूल किट वितरित किए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) बेमेतरा ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य कर रहा है। इसी क्रम में ग्राम गोपालभैना में आयोजित 30 दिवसीय निःशुल्क राजमिस्त्री (मेसन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को तकनीकी दक्षता प्रदान कर उन्हें निर्माण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए तैयार करना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को चिनाई, ईंट जोड़ाई, प्लास्टरिंग, भवन निर्माण के नक्शे और ले-आउट को समझने, निर्माण सामग्री के वैज्ञानिक उपयोग, गुणवत्ता नियंत्रण तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में युवाओं ने व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया और आधुनिक निर्माण तकनीकों को सीखकर अपने कौशल को बेहतर बनाया।
इस प्रशिक्षण की विशेषता केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं रही। प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता से भी जोड़ा गया, जिसमें बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, विभिन्न ऋण योजनाओं, बचत और निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। इसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के साथ आर्थिक रूप से भी सक्षम बनाना था।
प्रशिक्षण के समापन समारोह में राज्य नियंत्रक आरसेटी अरुण सोनी, मूल्यांकन टीम के सदस्य राम बासु एवं चंदन साहू, ग्राम गोपालभैना के जनप्रतिनिधि तथा संस्थान के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी सफल प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए और स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक टूल किट का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण सोनी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब ग्रामीण युवा केवल रोजगार की तलाश करने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी बनें। उन्होंने कहा कि राजमिस्त्री का कार्य ऐसा कौशल है जिसकी मांग गांव से लेकर शहर तक लगातार बनी रहती है और यह प्रशिक्षण युवाओं को सम्मानजनक आजीविका का अवसर प्रदान करेगा।
निदेशक कृष्णा चौधरी ने बताया कि जिला पंचायत बेमेतरा एवं जिला पंचायत आवास शाखा के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार आधारित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
कोर्स कॉर्डिनेटर प्रतीक साहेब गुप्ता ने कहा कि हर व्यक्ति का सपना अपना सुरक्षित और मजबूत घर बनाने का होता है। ऐसे में तकनीकी रूप से प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। SBI RSETI बेमेतरा इसी उद्देश्य के साथ ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देकर उन्हें सफल स्वरोजगारी और उद्यमी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनके कौशल, आत्मविश्वास और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।