आठ साल से अधर में पेंड्रा बायपास, जनहित में जिला प्रेस क्लब ने शुरू की निर्णायक मुहिम

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में आठ वर्षों से लंबित पेंड्रा बायपास परियोजना को लेकर जिला प्रेस क्लब ने जनहित में निर्णायक पहल शुरू की है। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात, ज्ञापन सौंपने और जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। परियोजना में देरी से लागत बढ़ने, किसानों के मुआवजे और शहर की यातायात समस्या जैसे मुद्दे प्रमुख बने हुए हैं।

Jul 9, 2026 - 16:23
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आठ साल से अधर में पेंड्रा बायपास, जनहित में जिला प्रेस क्लब ने शुरू की निर्णायक मुहिम

UNITED NEWS OF ASIA. गौरेला। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की बहुप्रतीक्षित पेंड्रा बायपास परियोजना आठ वर्षों बाद भी अधूरी है। लंबे समय से फाइलों में अटकी इस परियोजना को लेकर अब जिला प्रेस क्लब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने जनहित में निर्णायक मुहिम छेड़ने का फैसला किया है। पत्रकारों का कहना है कि यह केवल सड़क निर्माण का मामला नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा, किसानों के अधिकार और जिले के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

गौरेला में आयोजित जिला प्रेस क्लब की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पेंड्रा बायपास परियोजना को लेकर लगातार जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर परियोजना के लिए शीघ्र बजट स्वीकृत करने की मांग की जाएगी। इसके अलावा जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को विस्तृत ज्ञापन भी भेजा जाएगा।

जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष असद सिद्दीकी ने बताया कि 24 सितंबर 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लगभग 13 किलोमीटर लंबे पेंड्रा बायपास का शिलान्यास किया था। उस समय इसे क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। उनका कहना है कि विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ जनता तक पहुंचना आवश्यक है।

जिला प्रेस क्लब सचिव योगेंद्र नहरेल ने बताया कि वर्ष 2018 में लगभग 54.25 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत परियोजना की अनुमानित लागत अब बढ़कर लगभग 105 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं भूमि अधिग्रहण पर होने वाला खर्च भी कई गुना बढ़ चुका है। लंबे विलंब के कारण सरकारी धन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय ने बताया कि परियोजना के लिए 286 किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई, लेकिन कई किसानों को अब तक पूर्ण मुआवजा नहीं मिल पाया है। इससे प्रभावित किसान आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और उनकी जमीन वर्षों से उपयोग में नहीं आ सकी है।

कोषाध्यक्ष ज्ञान शर्मा ने कहा कि बायपास नहीं बनने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-130 का भारी यातायात आज भी पेंड्रा नगर के बीच से गुजर रहा है। स्कूल, अस्पताल और बाजार क्षेत्र से भारी वाहनों की आवाजाही के चलते दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। इससे नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

संयुक्त सचिव अजीत गहलोत ने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम जनता के हित का विषय है। जिला प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया है कि जब तक बायपास निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से जनहित की यह लड़ाई जारी रहेगी। पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि अब यह केवल बायपास का नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और जिले के भविष्य का सवाल बन चुका है।