अंजोरा में 15 जुलाई से सूकर पालन एवं उद्यमिता विकास पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण, आवेदन 13 जुलाई तक
पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा (दुर्ग) में 15 से 17 जुलाई 2026 तक सूकर पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक सूकर पालन, पोषण, रोग नियंत्रण, प्रजनन और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी जाएगी। इच्छुक प्रतिभागी 13 जुलाई तक शुल्क जमा कर आवेदन कर सकते हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा में 15 से 17 जुलाई 2026 तक "सूकर पालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास" विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों, युवाओं, पशुपालकों और उद्यमियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक सूकर पालन की जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार और आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सूकर पालन से जुड़ी नवीन तकनीकों, वैज्ञानिक प्रबंधन, पोषण व्यवस्था, प्रजनन, रोग नियंत्रण, टीकाकरण, आवास प्रबंधन, जैव सुरक्षा उपायों तथा व्यवसायिक स्तर पर सूकर पालन की संभावनाओं के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही सूकर पालन को लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए बाजार, लागत प्रबंधन और व्यवसायिक रणनीतियों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम स्ववित्तीय योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। बिना आवासीय सुविधा वाले प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण शुल्क 3,000 रुपये तथा आवासीय सुविधा लेने वाले प्रतिभागियों के लिए 4,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इच्छुक प्रतिभागियों को निर्धारित बैंक खाते में शुल्क जमा कर 13 जुलाई 2026 तक अपना पंजीयन सुनिश्चित करना होगा।
शुल्क जमा करने के बाद प्रतिभागियों को भुगतान की रसीद एवं संबंधित विवरण व्हाट्सएप नंबर 9329583360 पर भेजना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण में सीमित सीटें होने के कारण समय पर पंजीयन कराने की सलाह दी गई है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे प्रशिक्षण के बाद स्वयं का सूकर पालन व्यवसाय शुरू कर सकें या अपने वर्तमान व्यवसाय को अधिक लाभकारी बना सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से सूकर पालन अपनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
प्रशिक्षण से संबंधित अधिक जानकारी के लिए प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. रामचंद्र रामटेके से मोबाइल नंबर 9329583360 पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम का आयोजन पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग परिसर में किया जाएगा।
यह प्रशिक्षण विशेष रूप से उन युवाओं, किसानों और पशुपालकों के लिए उपयोगी होगा, जो पशुपालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर स्वरोजगार स्थापित करना चाहते हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, पशुपालन आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।