डोंगरगढ़ में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार; अश्लील वीडियो वायरल करने का आरोप
डोंगरगढ़ में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला सोशल मीडिया दुरुपयोग और महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल,राजनादगांव l डोंगरगढ़ से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया गया और बाद में उसका अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान विकास कोसले (26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्राम भंडारपुरी, थाना खरोरा, जिला रायपुर का निवासी है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक 175/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और आईटी एक्ट की धारा 67(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब 5-6 महीने पहले उसकी मुलाकात आरोपी से एक शादी समारोह में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ गई। आरोपी ने युवती को शादी का झांसा दिया और उस पर भरोसा जीत लिया।
घटना के अनुसार, 23 मार्च को आरोपी डोंगरगढ़ आया और युवती को एक निजी लॉज, राधिका लॉज, में ले गया। वहां उसने शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी ने शादी से साफ इंकार कर दिया और युवती का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया।
इस घटना से आहत होकर पीड़िता ने 10 अप्रैल को थाना डोंगरगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू कर दी।
पूरे मामले की जांच अंकिता शर्मा के निर्देशन में की गई। थाना प्रभारी सुमन जायसवाल और निरीक्षक संतोष जायसवाल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में पुलिस टीम के सदस्य गीतांजलि सिन्हा, तुलाराम बांधे और संजय देवांगन की भूमिका भी सराहनीय रही।
यह मामला न केवल महिला सुरक्षा बल्कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि पीड़िता को न्याय मिले और दोषी को कड़ी सजा दी जाए।