रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का एक्शन: नॉर्थ जोन में हिस्ट्रीशीटरों की परेड, अपराध छोड़ने की सख्त चेतावनी
रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर नॉर्थ जोन में गुंडा-बदमाशों और हिस्ट्रीशीटरों की परेड ली गई और उन्हें भविष्य में अपराध से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. हसिब अख्तर, रायपुर | कमिश्नरेट प्रणाली का असर: रायपुर में गुंडा-बदमाशों की परेड, पुलिस ने दी अंतिम चेतावनी
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के लागू होते ही पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से माननीय पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के दिशा-निर्देशों के तहत नॉर्थ जोन में निगरानी बदमाशों और हिस्ट्रीशीटरों की एक विशेष परेड आयोजित की गई।
अधिकारियों की मौजूदगी में सख्त संदेश
यह पूरी कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन और नॉर्थ जोन के पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर के निर्देशन में संपन्न हुई। सहायक आयुक्त कार्यालय में आयोजित इस परेड में नॉर्थ जोन क्षेत्र के चिन्हित गुंडा-बदमाशों को तलब किया गया था। इस दौरान अतिरिक्त सहायक आयुक्त श्री आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती पूर्णिमा लामा भी उपस्थित रहीं।
बदमाशों को स्पष्ट चेतावनी
परेड के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी हिस्ट्रीशीटरों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। मुख्य निर्देश निम्नलिखित रहे:
-
कठोर कार्रवाई: यदि भविष्य में कोई भी बदमाश किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
-
सामाजिक शांति: कमिश्नरेट प्रणाली के तहत शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक शांति भंग न करने के सख्त निर्देश दिए गए।
-
निरंतर निगरानी: पुलिस ने स्पष्ट किया कि सभी निगरानी बदमाशों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
अपराध नियंत्रण के लिए भविष्य की योजना
इस परेड में थाना उरला, थाना खमतराई और थाना गुढियारी के थाना प्रभारी भी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। रायपुर पुलिस का कहना है कि शहर में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखने के लिए इस प्रकार की औचक जांच और परेड की कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस का यह कदम अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना जगाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।