रायपुर में 50 लाख गबन का खुलासा, ड्राइवर समेत 7 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर के खम्हारडीह क्षेत्र में 50 लाख रुपये के गबन मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी ड्राइवर सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 49.50 लाख नकद और दो कार समेत करीब 66.50 लाख की संपत्ति जब्त की।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर। राजधानी रायपुर में लाखों रुपये के गबन के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और थाना खम्हारडीह पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले का मुख्य आरोपी कृष्णा साहू है, जो एक कंपनी में ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। पुलिस जांच में सामने आया कि उसने अपने रिश्तेदारों और साथियों के साथ मिलकर पहले से योजना बनाकर इस घटना को अंजाम दिया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 अप्रैल को कंपनी के कर्मचारी भूपेंद्र देवांगन और ड्राइवर कृष्णा साहू कंपनी की कार से लगभग 50 लाख रुपये लेकर बैंक जा रहे थे। बैंक बंद होने के कारण वे देवपुरी स्थित निवास की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान गीतांजली नगर के पास कृष्णा साहू ने गुटखा लेने के बहाने भूपेंद्र को कार से उतार दिया और मौका पाकर कार सहित नगदी रकम लेकर फरार हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मयंक गुर्जर और स्मृतिक राजनाला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम का गठन कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक किया। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया। लगातार दबिश के बाद पुलिस ने कृष्णा साहू को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने गबन की रकम अपने रिश्तेदारों और साथियों में बांट दी थी। इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया। कुल 7 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 49 लाख 50 हजार रुपये नकद, एमजी विंडसर कार और घटना में प्रयुक्त वर्ना कार सहित कुल लगभग 66 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4), 306 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है और मामले की आगे जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि अपराधी चाहे कितनी भी योजना बना लें, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। शहर में अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार सतर्क है और ऐसी घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद शहरवासियों में पुलिस के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है। वहीं, इस मामले ने यह भी दिखाया है कि अंदरूनी मिलीभगत से होने वाले अपराधों पर नजर रखना कितना जरूरी है।