रायगढ़ में वन महोत्सव: 18,450 पौधों के वृहद वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत

रायगढ़ जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र अंतर्गत सोनबरसा के ग्राम भैंनापारा में वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कैंपा योजना के तहत 18.45 हेक्टेयर वन भूमि में 18,450 मिश्रित प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग और ग्रामीणों ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

Jul 5, 2026 - 11:11
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रायगढ़ में वन महोत्सव: 18,450 पौधों के वृहद वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र अंतर्गत सोनबरसा क्षेत्र के ग्राम भैंनापारा में वन विभाग द्वारा वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र का विस्तार और वन संपदा को समृद्ध बनाना है।

वन विभाग द्वारा कैंपा योजना के तहत कक्ष क्रमांक 1194 पीएफ की 18.45 हेक्टेयर वन भूमि में कुल 18,450 मिश्रित प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इस अभियान में कचनार, सागौन, जामुन, आम और खम्हार जैसी उपयोगी एवं पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण प्रजातियों का चयन किया गया है। इन पौधों के माध्यम से क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ जैव विविधता को भी मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम में वन परिक्षेत्राधिकारी लीला पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि खरसिया विकासखंड के सोनबरसा, भैंनापारा और गीधा क्षेत्रों की वन भूमि को वृक्षारोपण के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी अगले दस वर्षों तक वन विभाग निभाएगा। इसके लिए फेंसिंग, नियमित सिंचाई, सुरक्षा गार्ड और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, ताकि पौधों का बेहतर विकास हो सके।

वन महोत्सव के दौरान प्रधानमंत्री के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सभी अतिथियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने नाम की पट्टिका के साथ पौधारोपण किया। सभी ने पौधों की नियमित देखभाल करने और उन्हें विकसित कर वृक्ष बनाने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. हितेश गवेल ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की सुरक्षा ही नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ जीवन का आधार भी हैं। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि पौधारोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी भी सभी नागरिक मिलकर निभाएं।

जिला पंचायत सदस्य बलदेव कुर्रे ने कहा कि यह परियोजना खरसिया विकासखंड के लिए महत्वपूर्ण पर्यावरणीय पहल है। पौधों के संरक्षण में वन विभाग के साथ स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र घने हरित वन क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, जिससे पर्यावरण संतुलन के साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वन विभाग ने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। यह अभियान क्षेत्र में हरित विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।