खरीफ सीजन से पहले रायगढ़ में खाद का पर्याप्त भंडारण, 7 हजार मीट्रिक टन उर्वरक वितरित
खरीफ सीजन 2026 को देखते हुए रायगढ़ जिले में किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिले की 79 सहकारी समितियों में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। अब तक 7 हजार मीट्रिक टन से अधिक खाद का वितरण किया जा चुका है। प्रशासन किसानों को जैविक एवं आधुनिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। खेती-किसानी के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सहकारी समितियों में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है।
अपेक्स बैंक के जिला नोडल अधिकारी एस.पी. सिंह ने बताया कि जिले की 79 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। समितियों में वर्तमान समय में रासायनिक खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों की मांग के अनुरूप लगातार आपूर्ति भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 7 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।
जिला प्रशासन द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की जरूरतों के अनुसार समितियों में खाद का भंडारण बनाए रखा जाए। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी भी क्षेत्र में खाद की कमी न हो।
कृषि विभाग किसानों को केवल रासायनिक उर्वरकों पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। इसके तहत किसानों को हरी खाद, जैव उर्वरक और नीलहरित काई जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन विकल्पों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और खेती की लागत में भी कमी आती है।
आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए जिले में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। ये उर्वरक कम मात्रा में अधिक प्रभाव देने के कारण किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। कृषि विभाग किसानों को इनके उपयोग और लाभों के बारे में जागरूक करने का कार्य भी कर रहा है।
खरीफ सीजन के दौरान धान सहित अन्य फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर की जाती है। ऐसे में खाद और बीज की समय पर उपलब्धता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, सहकारिता विभाग और कृषि विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक किसान तक समय पर आवश्यक कृषि संसाधन पहुंचें और उन्हें खेती के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। बेहतर प्रबंधन और पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के चलते इस खरीफ सीजन में किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।