लोक निर्माण विभाग ने जेलों में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की, गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय के साथ समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बैरक, बाउंड्रीवॉल, वॉच टॉवर, शौचालय और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

Jul 25, 2026 - 11:39
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लोक निर्माण विभाग ने जेलों में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की, गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

पीडब्ल्यूडी मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता तथा लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी मौजूद रहे। प्रदेश के विभिन्न जिलों के कार्यपालन अभियंता, जेल अधीक्षक और संबंधित ठेकेदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

बैठक के दौरान प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन बैरकों, बाउंड्रीवॉल, शौचालय, वॉच टॉवर तथा अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सचिव ने विभागीय अधिकारियों और जेल अधीक्षकों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और कार्यों में आ रही बाधाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो सकें।

मुकेश कुमार बंसल ने ठेकेदारों को निर्देशित किया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और सभी कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण ही परियोजनाओं की दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित करेगा। साथ ही कार्यों की गति बढ़ाकर समय-सीमा का पालन करना भी आवश्यक है।

बैठक में जेल परिसरों के भीतर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। सचिव ने कार्यपालन अभियंताओं और जेल अधीक्षकों को निर्देश दिए कि निर्माण सामग्री के परिवहन की उचित व्यवस्था की जाए ताकि जेल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने जेल अधीक्षकों से श्रमिकों को प्रतिदिन पर्याप्त समय तक कार्य करने की सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा, जिससे निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।

जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बैठक में बताया कि प्रदेश की कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रह रहे हैं। ऐसे में नए बैरकों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से कैदियों के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों से समन्वय बनाकर निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने का आग्रह किया।

समीक्षा बैठक में रायपुर केंद्रीय जेल में पार्किंग शेड, पाठशाला शेड, मुलाकातियों और परिजनों के लिए शेड तथा शौचालय निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा बिलासपुर के नगोई में 1500 आवास क्षमता वाले विशेष जेल, जिला जेल धमतरी और गरियाबंद में बाउंड्रीवॉल निर्माण, जिला जेल जांजगीर, रामानुजगंज, सूरजपुर, कांकेर, संजारी-बालोद तथा उप जेल सारंगढ़ में बैरक निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में कवर्धा उप जेल की मुख्य दीवार की ऊंचाई बढ़ाने, केंद्रीय जेल अंबिकापुर और जगदलपुर में कैदियों के लिए नए बैरक एवं शौचालय निर्माण, जिला जेल दंतेवाड़ा में शौचालय निर्माण, जिला जेल सुकमा में मुख्य दीवारों के चारों ओर कंसर्टीना वायर फेंसिंग और वॉच टॉवर निर्माण तथा उप जेल बीजापुर में वॉच टॉवर निर्माण कार्यों की प्रगति का भी विस्तृत आकलन किया गया।

लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया कि जेलों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक जेल परिसर विकसित करना है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ कैदियों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।