उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वन महोत्सव का किया शुभारंभ, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 3.0 से हरित अभियान की शुरुआत

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी विकासखंड के बैगाकापा गांव से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 3.0 और वन महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा ‘वृक्ष मित्र वाहन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन, वर्षा जल संरक्षण और जनभागीदारी से हरित अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।

Jul 25, 2026 - 11:44
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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वन महोत्सव का किया शुभारंभ, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 3.0 से हरित अभियान की शुरुआत

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी विकासखंड के ग्राम बैगाकापा से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 3.0 और वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान अरुण साव ने ‘वृक्ष मित्र वाहन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विशेष वाहन गांवों और शहरों में पहुंचकर नागरिकों के बीच नींबू, मुनगा, बिही, जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण करेगा। इसका उद्देश्य लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वन विभाग की इस पहल से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण साव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी सभी नागरिकों को निभानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि समाज सामूहिक रूप से इस दिशा में आगे बढ़ेगा, तो पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।

उन्होंने वर्षा जल संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ और पानी दोनों प्रकृति के संतुलन के लिए समान रूप से आवश्यक हैं। यदि वर्षा जल का सही तरीके से संरक्षण किया जाए तो भविष्य में जल संकट जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, खेतों और संस्थानों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाने की अपील की।

अरुण साव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बननी चाहिए। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।

वन महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया, जिससे शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों के प्रति सकारात्मक संदेश दिया जा सके।

कार्यक्रम में कलेक्टर कुन्दन कुमार, वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 3.0 के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य व्यापक जनभागीदारी के साथ वृक्षारोपण को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरित एवं सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में पौधारोपण, पौधों का वितरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस हरित पहल का हिस्सा बन सकें।