एनएच-53 पर पलटे प्याज से भरे ट्रक के बाद लूट के आरोप, कार्रवाई में देरी पर उठे सवाल
महासमुंद जिले के पिथौरा क्षेत्र में एनएच-53 पर प्याज से भरा ट्रक पलटने के बाद माल लूटे जाने के आरोप सामने आए हैं। ट्रक मालिक ने स्थानीय लोगों पर प्याज और ट्रक के सामान ले जाने का आरोप लगाया है तथा पुलिस कार्रवाई में देरी की शिकायत की है। मामले में एक व्यक्ति द्वारा ट्रक की बैटरी चोरी करने की बात सामने आने का भी दावा किया गया है। पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने आना बाकी है।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुन्द l महासमुंद जिले के पिथौरा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर प्याज से भरा एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया। हादसे के बाद ट्रक में लदे माल के लूटे जाने और वाहन के कुछ पुर्जे चोरी होने के आरोपों ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। ट्रक मालिक ने पुलिस कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के मुंबई क्षेत्र से प्याज लेकर छत्तीसगढ़ आ रहा ट्रक ग्राम मुढ़ीपार के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद ट्रक मालिक लगभग 16 घंटे का सफर तय कर पिथौरा पहुंचा। उनका आरोप है कि जब तक वे घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक ट्रक में लदा अधिकांश प्याज गायब हो चुका था।
ट्रक मालिक इन्द्रजीत का दावा है कि दुर्घटना के बाद स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने ट्रक में लदा प्याज उठा लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पास इस संबंध में वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। मालिक के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने के लिए पिथौरा थाना पहुंचने पर उन्हें तत्काल अपेक्षित सहयोग नहीं मिला और कई प्रयासों के बाद जांच का आश्वासन दिया गया। उनका कहना है कि इस पूरी घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा।
मामले में यह भी दावा किया गया कि ट्रक के कुछ महंगे पार्ट और एक बैटरी चोरी कर ली गई। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, बाद में एक व्यक्ति ने कथित रूप से बैटरी चोरी करने की बात स्वीकार की। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। चोरी की घटना और कथित स्वीकारोक्ति को लेकर भी क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया प्रतिनिधि भी थाने पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने तथा यदि लूट और चोरी के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस से पारदर्शी जांच की अपेक्षा जताई है।
फिलहाल पुलिस की ओर से पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि कथित लूट, चोरी और शिकायत दर्ज होने की प्रक्रिया को लेकर पुलिस की कार्रवाई किस स्तर पर पहुंची है। मामले की जांच जारी होने की बात कही जा रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान माल की सुरक्षा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।