नगरी में रानी दुर्गावती बलिदान दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया
धमतरी जिले के नगरी में सर्व आदिवासी समाज द्वारा रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रतिमा पर माल्यार्पण, शहीदों को श्रद्धांजलि और विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। समाज भवन के विकास से जुड़ी मांगें भी रखी गईं, जिन पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र एवं ब्लॉक मुख्यालय नगरी में सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में गढ़-मंडला की वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठजनों और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने भाग लेकर रानी दुर्गावती के शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत जंगलपारा स्थित रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने प्रतिमा के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान पूरे परिसर में रानी दुर्गावती अमर रहें के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण श्रद्धा एवं गौरव से भर उठा।
इसके बाद सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी और नगरवासी शहीद स्मारक पहुंचे, जहां देश और समाज के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और उनके बलिदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम के अगले चरण में सर्व आदिवासी समाज भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। वक्ताओं ने रानी दुर्गावती के जीवन संघर्ष, अदम्य साहस, दूरदर्शिता और मातृभूमि की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती केवल आदिवासी समाज की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन आत्मसम्मान, वीरता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जिससे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियां निरंतर प्रेरणा लेती रहेंगी।
सभा के दौरान समाज भवन के विकास से जुड़ी विभिन्न मांगें भी नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा के समक्ष रखी गईं। समाज के प्रतिनिधियों ने भवन परिसर में शौचालय निर्माण, बाउंड्री वॉल और पेयजल सुविधा के लिए बोर खनन की मांग की। नगर पंचायत अध्यक्ष ने इन मांगों पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की बात कही। उनके आश्वासन का उपस्थित समाजजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
अपने संबोधन में बलजीत छाबड़ा ने कहा कि जनसेवा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और नगर के प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के समाधान के लिए वे सदैव उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि नगर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर पंचायत निरंतर कार्य कर रही है तथा समाज के सहयोग से विकास कार्यों को और गति दी जाएगी।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों ने सामाजिक एकता, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और समाज के सर्वांगीण विकास पर भी विचार रखे। युवाओं से अपने इतिहास, महापुरुषों और वीरांगनाओं के आदर्शों को जानने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन रानी दुर्गावती के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और समाज के विकास के लिए मिलकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।