पत्रकारिता की आड़ में अवैध वसूली: नारायणपुर पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
नारायणपुर में पत्रकारिता की आड़ में झूठी और नकारात्मक खबरें बनाने की धमकी देकर शिक्षकों से अवैध वसूली करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ शिक्षकों की शिकायत पर कार्रवाई की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर | नारायणपुर पुलिस ने पत्रकारिता की आड़ में झूठी एवं नकारात्मक खबरें बनाकर अवैध वसूली करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया के निर्देश पर जिले में अपराधों की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी गेंद सिंह मरकाम उर्फ गोलू मरकाम और संतोष नाग पिछले कुछ समय से नारायणपुर क्षेत्र में शिक्षकों को डराने-धमकाने का काम कर रहे थे। आरोपी स्वयं को विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़ा पत्रकार बताकर झूठी एवं बदनाम करने वाली खबरें प्रकाशित व प्रसारित करने की धमकी देकर शिक्षकों से पैसे की मांग कर रहे थे।
इस संबंध में पीड़ित शिक्षकों द्वारा 7 जनवरी 2026 को नारायणपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी पत्रकारिता की आड़ में शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर अवैध वसूली कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर नारायणपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी आड़ में अपराध क्यों न कर रहा हो।
इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक / समग्र शिक्षक फेडरेशन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। फेडरेशन का कहना है कि आरोपी गोलू मरकाम और संतोष नाग खुद को स्वदेश न्यूज़ इंडिया 24, ग्रैंड न्यूज़, सीजी वार्ता एवं भारत भास्कर जैसे समाचार माध्यमों से जुड़ा बताकर शिक्षकों को डराते थे और झूठी खबरें चलाने की धमकी देकर रकम की मांग करते थे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे की आड़ में अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि इस प्रकार की धमकी या अवैध मांग की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें।
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षक वर्ग एवं आम नागरिकों में सुरक्षा और न्याय की भावना मजबूत हुई है, वहीं फर्जी पत्रकारों के खिलाफ पुलिस की इस सख्ती की सराहना की जा रही है।