पिपरिया थाना का औचक निरीक्षण, पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था और जनसेवा पर दिया जोर

कबीरधाम जिले के पिपरिया थाना का पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने औचक निरीक्षण कर थाना परिसर, अभिलेखों, मालखाना, शस्त्रागार, लंबित अपराधों और जनसेवा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण, नियमित गश्त, नशे के कारोबार पर कार्रवाई तथा संवेदनशील पुलिसिंग के निर्देश दिए गए।

Jun 25, 2026 - 11:07
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पिपरिया थाना का औचक निरीक्षण, पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था और जनसेवा पर दिया जोर

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने पिपरिया थाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर पुलिसिंग तथा जनसेवा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की स्वच्छता, कार्यालय व्यवस्था, अभिलेखों का संधारण, मालखाना, हवालात, शस्त्रागार तथा सीसीटीएनएस कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही लंबित अपराधों, शिकायतों और विवेचना की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। पुलिस अधीक्षक ने जनसामान्य को उपलब्ध कराई जा रही पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता का भी अवलोकन करते हुए आवश्यक सुधार पर बल दिया।

धर्मेंद्र सिंह ने थाना प्रभारी नितिन तिवारी और थाना स्टाफ को निर्देशित किया कि थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लंबित अपराधों और शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने, गंभीर मामलों की प्रभावी विवेचना करने तथा फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग, रात्रि गश्त और संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही असामाजिक तत्वों, अवैध गतिविधियों और नशे के कारोबार के विरुद्ध सघन कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए सतत निगरानी और सक्रिय पुलिसिंग आवश्यक है।

यातायात व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। उनका कहना था कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि थाना आने वाले प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान किया जाए। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने तथा पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, शस्त्रों की देखरेख, मालखाना प्रबंधन तथा पुलिस बल के अनुशासन और कार्यकुशलता की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही सभी पुलिस कर्मियों से अपने कर्तव्यों का ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करते हुए आमजन में सुरक्षा, विश्वास और पारदर्शिता का वातावरण बनाए रखने का आह्वान किया।