कबीरधाम में होटल, रेस्टोरेंट और कैफे की सघन जांच, सीसीटीवी और पारदर्शिता के सख्त निर्देश
कबीरधाम पुलिस ने जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैफे में सघन जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगाने, फुटेज सुरक्षित रखने, पर्दों से बने बंद कक्ष हटाने तथा नाबालिगों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। नियमों के उल्लंघन पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से कबीरधाम पुलिस द्वारा होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और कैफे में लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कवर्धा शहर के लालपुर रोड स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया, जहां सुरक्षा व्यवस्थाओं, सीसीटीवी कैमरों और संचालन संबंधी नियमों का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और अमित पटेल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण का नेतृत्व एसडीओपी आशीष शुक्ला और कोतवाली थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस ने सभी होटल, रेस्टोरेंट और कैफे संचालकों को उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने और उन्हें हर समय चालू रखने के निर्देश दिए। साथ ही कैमरों की रिकॉर्डिंग निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखने को कहा गया, ताकि किसी भी संदिग्ध घटना या अपराध की स्थिति में जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध हो सकें।
जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में पर्दा लगाकर अलग-अलग कक्ष जैसी व्यवस्था बनाई गई थी। पुलिस ने इसे पारदर्शिता के विपरीत मानते हुए तत्काल ऐसे पर्दे हटवाए और संचालकों को भविष्य में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं करने की सख्त हिदायत दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी होटल या कैफे में ऐसी संरचना नहीं होनी चाहिए जिससे संदिग्ध या अवांछित गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की आशंका हो।
पुलिस ने प्रतिष्ठान संचालकों को आगंतुकों, विशेष रूप से नाबालिगों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित, स्वच्छ और पारदर्शी वातावरण बनाए रखना प्रत्येक प्रतिष्ठान संचालक की जिम्मेदारी है।
एसडीओपी आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में अपराधों की रोकथाम और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और कैफे की नियमित जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी संचालकों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी प्रतिष्ठान में नियमों का उल्लंघन या संदिग्ध गतिविधियां पाई जाती हैं, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे या कैफे में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस का मानना है कि जनसहयोग और सतर्कता के माध्यम से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। पुलिस का उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराना भी है।