ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में 20 मई को प्रदेशव्यापी दवा व्यापार बंद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स का समर्थन

ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ 20 मई को प्रदेशभर में थोक और रिटेल दवा व्यापार बंद रखने का निर्णय लिया गया है। दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री का आरोप लगाते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद को नैतिक और पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

May 23, 2026 - 12:39
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ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में 20 मई को प्रदेशव्यापी दवा व्यापार बंद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स का समर्थन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा कथित रूप से नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे कारोबार और इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रभाव के विरोध में 20 मई को प्रदेशव्यापी दवा व्यापार बंद का आह्वान किया गया है। इस दौरान राज्यभर के थोक और रिटेल मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। केवल अस्पताल परिसरों में संचालित मेडिकल स्टोरों को खुला रखा जाएगा ताकि मरीजों को आपात स्थिति में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

इस संबंध में डिस्ट्रिक्ट ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कृपलानी और कंफेडरेशन ऑफ फार्म डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वासुदेव जोतवानी ने चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों से मुलाकात कर बंद को समर्थन देने की मांग की। व्यापारियों की मांग को जनहित से जुड़ा बताते हुए चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने आंदोलन को पूर्ण और नैतिक समर्थन देने की घोषणा की।

चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां दवाओं पर अत्यधिक और अनियंत्रित छूट देकर व्यापारिक नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और बाजार व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए नकली दवाओं की बिक्री बढ़ रही है। साथ ही ऐसी दवाएं भी बेची जा रही हैं, जिन्हें केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना उचित सत्यापन के प्रतिबंधित और संवेदनशील दवाओं की बिक्री गंभीर चिंता का विषय है और यह आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।

चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों की अनियंत्रित गतिविधियों से न केवल दवा व्यापारियों का रोजगार प्रभावित हो रहा है, बल्कि युवाओं में नशे और दवाओं के दुरुपयोग की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारियों के हित के लिए नहीं, बल्कि समाज और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।

व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त निगरानी रखी जाए और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।

बैठक में चेम्बर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष अमरदास खट्टर, दिलीप इसरानी, मंत्री भरत पमनानी, पंकज जैन, लोकेश साहू, कंफेडरेशन ऑफ फार्मा डीलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष वासुदेव जोतवानी, जिला केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विनय कृपलानी और कोषाध्यक्ष नितेश जैन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।