बालको ने ऐश डाइक में आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित की, आपदा प्रबंधन तैयारियों का लिया जायजा
भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने ऐश डाइक-2 में आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा प्रबंधन, डाइक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी तैयारियों का परीक्षण किया। अभ्यास में प्रशासन, पुलिस, पर्यावरण विभाग और आसपास के गांवों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, बालकोनगर। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐश डाइक-2 (जामबहार गांव, एचटी टॉवर क्षेत्र) में आपातकालीन मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण करना, डाइक सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उपायों की समीक्षा करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान भारी बारिश और बादल फटने जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस परिदृश्य में यह दर्शाया गया कि अत्यधिक जलभराव के कारण ऐश डाइक के ऊपर से पानी बह रहा है और डाइक को नुकसान पहुंचने की आशंका उत्पन्न हो गई है। स्थिति की सूचना मिलते ही आपातकालीन सायरन बजाया गया और साइट इमरजेंसी प्लान के अनुसार निर्धारित सभी प्रक्रियाओं को तत्काल लागू किया गया।
अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव दलों ने समन्वित तरीके से कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया। काल्पनिक रूप से घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर प्राथमिक उपचार दिया गया। साथ ही संयंत्र के आवश्यक उपकरणों को सुरक्षित रूप से बंद किया गया, पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई। सभी निर्धारित कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित किया गया।
इस मॉक ड्रिल का अवलोकन प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भी किया। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार दीपक पटेल, पुलिस प्रशासन से अजय सिंह एवं उनकी टीम तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय से रोहित कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा परसाभाठा, रोगबहारी और जामबहार गांवों के समुदाय प्रतिनिधियों ने भी अभ्यास में भाग लेकर आपदा प्रबंधन की प्रक्रियाओं को समझा।
बालको की आपातकालीन नेतृत्व टीम ने भी अभ्यास में सक्रिय भूमिका निभाई। डिप्टी सीईओ (पावर) मंतोष कुमार सिंहा के नेतृत्व में संयंत्र के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस दौरान मुख्य ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस मंयक श्रीवास्तव, चीफ इंसीडेंट कंट्रोलर अनिल कुमार मिश्रा, इंसीडेंट कंट्रोलर मुकुंद एडगांवकर, चीफ एचएसई एवं एस ऑफिसर बी. शिवाकुमार, सामुदायिक विकास अधिकारी प्रिंसी जॉन तथा चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर भारतेंदु कमल पांडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
मॉक ड्रिल में सुरक्षा, पर्यावरण, चिकित्सा, सुरक्षा प्रबंधन और अन्य संबंधित विभागों की टीमों ने मिलकर समन्वित रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान विभिन्न टीमों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था और त्वरित निर्णय क्षमता का भी परीक्षण किया गया।
बालको का कहना है कि इस प्रकार के नियमित अभ्यासों का उद्देश्य कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों, स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित एजेंसियों की आपदा प्रबंधन क्षमता को लगातार मजबूत बनाए रखना है। किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर ऐसे मॉक ड्रिल आयोजित किए जाते हैं।
कंपनी के अनुसार औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा उसकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसी उद्देश्य से बालको समय-समय पर सुरक्षा अभ्यास, जागरूकता कार्यक्रम और आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित करता है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में जोखिम को न्यूनतम किया जा सके और प्रभावी ढंग से स्थिति का सामना किया जा सके।