इंडोनेशिया के 1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर पहुंचे PM मोदी, भारत करेगा संरक्षण कार्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान योग्यकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रम्बानन मंदिर में पूजा-अर्चना की और भारत समर्थित संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजना की शुरुआत की। यह पहल भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और सांस्कृतिक कूटनीति को नई मजबूती देने वाला कदम मानी जा रही है।

Jul 8, 2026 - 15:47
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इंडोनेशिया के 1000 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर पहुंचे PM मोदी, भारत करेगा संरक्षण कार्य

UNITED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंडोनेशिया दौरे के अंतिम दिन योग्यकार्ता स्थित लगभग 1000 वर्ष पुराने ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया और वहां पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भारत समर्थित प्रम्बानन मंदिर संरक्षण एवं पुनरुद्धार परियोजना का भी शुभारंभ किया। यह परियोजना भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग तथा साझा सभ्यतागत विरासत को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रम्बानन मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसरों में शामिल है। यह 9वीं शताब्दी में निर्मित मंदिर भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। मंदिर परिसर में कुल 240 मंदिर हैं और इसकी भव्य नक्काशी में रामायण की कथाओं को पत्थरों पर उकेरा गया है। यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रम्बानन मंदिर को भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर दोनों देशों की साझा विरासत और आध्यात्मिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण प्रमाण है। भारत द्वारा शुरू किया गया संरक्षण कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगा।

प्रम्बानन संरक्षण परियोजना भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और सांस्कृतिक कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस परियोजना के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) मंदिर के संरक्षण और पुनरुद्धार कार्य में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। दोनों देशों के बीच इस संबंध में सहमति हाल ही में उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान बनी थी।

भारत पिछले एक दशक से एशिया के कई देशों में स्थित प्राचीन हिंदू और बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण में सहयोग कर रहा है। वियतनाम, नेपाल, श्रीलंका, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार, बांग्लादेश और बहरीन जैसे देशों में भी भारत ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रम्बानन मंदिर संरक्षण परियोजना केवल एक पुरातात्विक पहल नहीं, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला प्रयास है। इस पहल से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।