व्यापारियों के हित में चेम्बर की बड़ी पहल, वर्गफुट शुल्क खत्म करने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपकर "छत्तीसगढ़ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम, 2025" के तहत लागू वर्गफुट आधारित ट्रेड लाइसेंस शुल्क समाप्त करने की मांग की है। चेम्बर ने इसके स्थान पर सभी व्यापारियों के लिए लाइसेंस आधारित फ्लैट शुल्क व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है।

Jul 8, 2026 - 15:38
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व्यापारियों के हित में चेम्बर की बड़ी पहल, वर्गफुट शुल्क खत्म करने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के हितों को लेकर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में चेम्बर के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर "छत्तीसगढ़ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम, 2025" के अंतर्गत लागू वर्गफुट (स्क्वायर फीट) आधारित ट्रेड लाइसेंस शुल्क व्यवस्था को समाप्त करने की मांग करते हुए विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में चेम्बर ने सरकार द्वारा 43 प्रमुख व्यवसायों को ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से मुक्त करने के निर्णय का स्वागत किया। चेम्बर का कहना है कि यह कदम व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल है। हालांकि, नियम-18 के तहत लागू वर्गफुट आधारित वार्षिक पंजीकरण शुल्क को व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया गया है।

चेम्बर के अनुसार नगर निगम क्षेत्रों में प्रति वर्गफुट छह रुपये की दर से अधिकतम 30 हजार रुपये तक वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी अधिक प्रभावित होंगे। संगठन का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था व्यापार को सरल बनाने के बजाय व्यापारियों की लागत बढ़ाने का कार्य करेगी।

सतीश थौरानी ने कहा कि चेम्बर केवल व्यापारियों की समस्याएं उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान सरकार तक पहुंचाना भी संगठन की जिम्मेदारी है। प्रदेशभर के व्यापारियों से प्राप्त सुझावों और उनकी चिंताओं का अध्ययन करने के बाद यह मांगपत्र तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चेम्बर का उद्देश्य किसी सरकारी निर्णय का विरोध करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था लागू कराना है जिससे व्यापार करना आसान हो और व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्गफुट आधारित शुल्क व्यवस्था लागू होने से दुकानों की नाप-जोख के नाम पर निरीक्षण, विवाद और भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। यदि सरकार वास्तव में "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" को बढ़ावा देना चाहती है, तो वर्गफुट आधारित शुल्क समाप्त कर सभी व्यापारियों के लिए लाइसेंस आधारित फ्लैट शुल्क प्रणाली लागू की जानी चाहिए।

चेम्बर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इस विषय पर पुनर्विचार कर प्रदेश के लाखों व्यापारियों को राहत प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने के दौरान चेम्बर के कई पदाधिकारी और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। चेम्बर ने कहा कि भविष्य में भी व्यापारियों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को शासन और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि प्रदेश में व्यापारिक वातावरण और अधिक अनुकूल बनाया जा सके।