बैगा समाज 10 जुलाई से करेगा अनिश्चितकालीन धरना, भूमि संबंधी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन

कबीरधाम में छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के नेतृत्व में बैगा समाज 10 जुलाई से जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा। प्रदर्शन में वनाधिकार पट्टों के वितरण, अवैध बेदखली पर रोक और भूमि विवादों के त्वरित समाधान की मांग उठाई जाएगी। संगठन ने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बताया है।

Jul 9, 2026 - 11:18
 0  11
बैगा समाज 10 जुलाई से करेगा अनिश्चितकालीन धरना, भूमि संबंधी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासी समाज अपनी भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर 10 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेगा। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद (शाखा कबीरधाम) के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह आंदोलन जिला कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट के समीप किया जाएगा। संगठन का कहना है कि बैगा समाज की लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान में हो रही देरी के विरोध में यह आंदोलन आयोजित किया जा रहा है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार परिषद के जिलाध्यक्ष कामू बैगा ने बताया कि कबीरधाम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बैगा आदिवासी परिवारों की भूमि से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी और संतोषजनक समाधान नहीं निकल पाया है। इससे समाज में असंतोष और नाराजगी बढ़ी है।

संगठन ने आंदोलन के माध्यम से कई प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इनमें सबसे पहली मांग बैगा आदिवासियों की जमीनों से कथित अवैध बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की है। परिषद का कहना है कि आदिवासी परिवारों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी प्रकार की कार्रवाई कानून के प्रावधानों के अनुसार ही होनी चाहिए।

दूसरी प्रमुख मांग लंबे समय से लंबित वनाधिकार पट्टों का शीघ्र और पारदर्शी वितरण है। संगठन का कहना है कि पात्र हितग्राहियों को समय पर वनाधिकार पट्टे नहीं मिलने से उन्हें कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। परिषद ने प्रशासन से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर पात्र परिवारों को अधिकार पत्र उपलब्ध कराने की मांग की है।

बैगा समाज ने भूमि संबंधी विवादों के त्वरित समाधान के लिए विशेष राजस्व शिविर आयोजित करने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि यदि प्रशासन गांव स्तर पर विशेष कैंप लगाए तो वर्षों से लंबित कई मामलों का समाधान शीघ्र किया जा सकता है और आदिवासी परिवारों को राहत मिलेगी।

परिषद ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। आंदोलन की लिखित सूचना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधीक्षक कबीरधाम और थाना प्रभारी कोतवाली को पहले ही दे दी गई है, ताकि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था की जा सके।

कामू बैगा ने बैगा समाज और अन्य आदिवासी समुदायों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल भूमि अधिकारों और आदिवासी हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर प्रशासन द्वारा त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। परिषद का कहना है कि उनका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याओं की ओर आकर्षित करना और उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित कराना है।

नोट: यह समाचार छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।