बैगा समाज 10 जुलाई से करेगा अनिश्चितकालीन धरना, भूमि संबंधी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन

कबीरधाम में छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के नेतृत्व में बैगा समाज 10 जुलाई से जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा। प्रदर्शन में वनाधिकार पट्टों के वितरण, अवैध बेदखली पर रोक और भूमि विवादों के त्वरित समाधान की मांग उठाई जाएगी। संगठन ने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बताया है।

Jul 8, 2026 - 19:48
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बैगा समाज 10 जुलाई से करेगा अनिश्चितकालीन धरना, भूमि संबंधी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासी समाज अपनी भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर 10 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेगा। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद (शाखा कबीरधाम) के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह आंदोलन जिला कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट के समीप प्रस्तावित है। संगठन का कहना है कि बैगा समाज की लंबे समय से लंबित भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण यह कदम उठाया जा रहा है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष कामू बैगा ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बैगा आदिवासी परिवारों की भूमि से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन को कई बार ज्ञापन और आवेदन देकर इन समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी और संतोषजनक समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कारण समाज ने लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया है।

संगठन ने आंदोलन के माध्यम से कई प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग बैगा आदिवासियों की भूमि से कथित अवैध बेदखली पर तत्काल रोक लगाने की है। परिषद का कहना है कि जिन परिवारों की जमीनों से जुड़े विवाद हैं, उनमें प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए और आदिवासी परिवारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग लंबित वनाधिकार पट्टों का शीघ्र वितरण है। संगठन का कहना है कि पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाले पट्टे अब तक नहीं मिल पाए हैं। परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि सभी लंबित प्रकरणों का पारदर्शी तरीके से निराकरण कर पात्र परिवारों को जल्द से जल्द वनाधिकार पट्टे उपलब्ध कराए जाएं।

इसके अलावा परिषद ने भूमि संबंधी विवादों के त्वरित समाधान के लिए विशेष राजस्व शिविर आयोजित करने की मांग भी की है। संगठन का मानना है कि यदि प्रशासन गांव स्तर पर विशेष शिविर लगाए तो लंबे समय से लंबित कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया जा सकता है, जिससे आदिवासी परिवारों को राहत मिलेगी।

छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित धरना प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा। संगठन के अनुसार आंदोलन की लिखित सूचना पहले ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधीक्षक कबीरधाम तथा थाना कोतवाली को सौंप दी गई है, ताकि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था की जा सके।

कामू बैगा ने बैगा समाज और अन्य आदिवासी समुदायों से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए है और इसका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान आदिवासी समाज की लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है।

संगठन ने यह भी कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर प्रशासन की ओर से ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।