कोंडागांव में अखबारों के नाम से फर्जी खबरें वायरल, प्रेस क्लब ने कलेक्टर और एसपी से जांच की मांग
कोंडागांव में पंजीकृत समाचार पत्रों के नाम और लोगो का कथित दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर फर्जी एवं भ्रामक खबरें प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में कोंडागांव प्रेस एंड मीडिया फेडरेशन सह प्रेस क्लब ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l कोंडागांव जिले में पंजीकृत समाचार पत्रों के नाम, लोगो और स्वरूप का कथित रूप से दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर भ्रामक समाचार प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में कोंडागांव प्रेस एंड मीडिया फेडरेशन सह प्रेस क्लब ने जिला प्रशासन और पुलिस से शिकायत करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
प्रेस क्लब के अनुसार हाल के दिनों में सोशल मीडिया, विशेष रूप से विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में कुछ ऐसे समाचार प्रसारित किए जा रहे हैं, जिन्हें पंजीकृत समाचार पत्रों के नाम और लोगो का उपयोग कर तैयार किया गया है। आरोप है कि इन समाचारों को इस प्रकार संपादित किया गया है कि वे देखने में वास्तविक अखबारों के प्रकाशित समाचार जैसे प्रतीत हों, जबकि संबंधित समाचार पत्रों का उनसे कोई संबंध नहीं है।
शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल समाचार पत्रों की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है, बल्कि आमजन के बीच भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। प्रेस क्लब का कहना है कि समाचार पत्रों की पहचान और प्रतिष्ठा का अनुचित उपयोग कर गलत या भ्रामक जानकारी प्रसारित करना पत्रकारिता की साख पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
इसी मुद्दे को लेकर कोंडागांव प्रेस एंड मीडिया फेडरेशन सह प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे मामले की जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ प्रचलित कानूनों के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुरेंद्र सोनपिपरे ने कहा कि यदि इस प्रकार के मामलों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी भी समाचार पत्र के नाम, लोगो और स्वरूप का दुरुपयोग कर मनगढ़ंत या भ्रामक समाचार प्रसारित कर सकता है। इससे मीडिया संस्थानों की विश्वसनीयता प्रभावित होगी और समाज में गलत सूचनाओं के प्रसार का खतरा भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है। फर्जी समाचार तैयार कर उन्हें वास्तविक समाचार पत्रों के नाम से प्रसारित करना न केवल मीडिया संस्थानों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि आम नागरिकों को भी भ्रमित करता है। ऐसे मामलों में समयबद्ध जांच और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
प्रेस क्लब ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि समाचार पत्रों के नाम और लोगो का दुरुपयोग करने के पीछे कौन लोग हैं तथा उनका उद्देश्य क्या है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
फिलहाल जिला प्रशासन और पुलिस को ज्ञापन सौंपा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रेस क्लब ने उम्मीद जताई है कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि पत्रकारिता की गरिमा बनी रहे और आमजन तक केवल प्रमाणिक एवं विश्वसनीय समाचार ही पहुंच सकें।