उरला फैक्ट्री हादसे पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, दीपक बैज ने न्यायिक जांच और अधिक मुआवजे की मांग की
उरला स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार और उद्योग प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने घटना की न्यायिक जांच, घायलों के बेहतर इलाज तथा मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये और घायलों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l उरला स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में हुए विस्फोट और उसमें मजदूरों की मौत के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार और उद्योग प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दीपक बैज ने इस घटना को उद्योग प्रबंधन के साथ-साथ सरकार की भी गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने हादसे की न्यायिक जांच कराने, घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मृतकों और घायलों के लिए अधिक मुआवजे की मांग की है।
दीपक बैज ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रही दुर्घटनाएं चिंताजनक हैं। उनका कहना है कि इस घटना में बड़ी संख्या में मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये तथा घायलों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों के दौरान औद्योगिक दुर्घटनाओं में 300 से अधिक मजदूरों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होती जा रही है और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर पर्याप्त निगरानी नहीं हो रही है।
दीपक बैज ने अपने बयान में पहले हुई औद्योगिक दुर्घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट, रायपुर के गोदावरी प्लांट में भट्टी विस्फोट तथा बलौदाबाजार के स्वदेश मेटालिक प्लांट में हुई दुर्घटनाओं जैसे मामलों ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। उनके अनुसार ऐसी घटनाओं से स्पष्ट है कि सुरक्षा मानकों के पालन में लगातार कमी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कई उद्योगों में श्रमिकों से जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं, जबकि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। कांग्रेस का आरोप है कि कई स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं और मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
दीपक बैज ने राज्य सरकार से प्रदेश के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने और निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस लगातार अपनी चिंता व्यक्त करती रही है। उनका आरोप है कि कारखाना अधिनियम, 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियम, 1962 के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है, जिसके कारण श्रमिकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों में होने वाली दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही श्रम विभाग और संबंधित एजेंसियों को नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल उरला स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में हुए विस्फोट की जांच जारी है। हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर संबंधित एजेंसियां जांच कर रही हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग दोहराते हुए कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।