बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति: सुकमा में ‘अटल आरोग्य लैब’ का शुभारंभ, 133 जांचें होंगी मुफ्त

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘अटल आरोग्य लैब’ का राज्यस्तरीय शुभारंभ किया। इस पहल के तहत प्रदेश के 1046 स्वास्थ्य संस्थानों में 133 प्रकार की जांचें निःशुल्क उपलब्ध होंगी। डिजिटल व्यवस्था के जरिए मरीजों को रिपोर्ट SMS और व्हाट्सऐप पर मिलेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और पारदर्शी बनेंगी, खासकर बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में।

Apr 14, 2026 - 12:22
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बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति: सुकमा में ‘अटल आरोग्य लैब’ का शुभारंभ, 133 जांचें होंगी मुफ्त

UNITED NEWS OF ASIA. अमिर्तेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए सुकमा में ‘अटल आरोग्य लैब’ का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है।

1046 स्वास्थ्य केंद्रों में मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत राज्य के 1046 स्वास्थ्य संस्थानों—जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक—मुफ्त जांच सुविधा उपलब्ध होगी। यह कदम खासतौर पर ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के लिए राहत लेकर आया है।

133 प्रकार की जांचें होंगी मुफ्त
‘अटल आरोग्य लैब’ के माध्यम से अब मरीजों को 133 प्रकार की जांचें पूरी तरह नि:शुल्क मिलेंगी। इससे समय पर रोगों की पहचान संभव होगी और उपचार प्रक्रिया में तेजी आएगी।


डिजिटल तकनीक से आसान होगी प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत जांच रिपोर्ट मरीजों को SMS और व्हाट्सऐप के जरिए सीधे भेजी जाएगी। इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी बनेंगी।

बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी सुविधाओं से यहां के लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज संभव होगा।


सुकमा जिला अस्पताल पहले से ही सुसज्जित

सुकमा जिला चिकित्सालय में पहले से ब्लड बैंक, सोनोग्राफी, एक्स-रे, ईसीजी, आपातकालीन सेवाएं, सीजेरियन प्रसव, एनआरसी और डायलिसिस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब ‘अटल आरोग्य लैब’ के जुड़ने से यहां की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव
यह पहल न केवल मरीजों के समय और खर्च को कम करेगी, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।