धान खरीदी में बड़ा घोटाला, किसानों से धोखा कर रही सरकार: आम आदमी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू

आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ सरकार पर धान खरीदी में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने ऑनलाइन टोकन बंद करने, रकबा समर्पण के दबाव और सरकारी गोदामों से करोड़ों का धान गायब होने को किसान विरोधी नीति बताया।

Jan 15, 2026 - 13:08
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धान खरीदी में बड़ा घोटाला, किसानों से धोखा कर रही सरकार: आम आदमी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू

UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। आम आदमी पार्टी (आप) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने राज्य की भाजपा सरकार पर धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

गोपाल साहू ने कहा कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था को बंद करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती। जबकि खरीफ सीजन की धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी है, ऐसे समय में टोकन बंद करना किसानों के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले टोकन काटने से पहले अधिकारियों द्वारा किसानों के घर जाकर धान का सत्यापन किया जाता था, तो क्या सरकार किसानों को चोर समझती है?

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट तय कर दी है, जिससे सहकारी समितियों में इस वर्ष अपेक्षाकृत कम धान खरीदा गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार की मंशा किसानों से धान खरीदने की नहीं है।

गोपाल साहू ने सरकारी गोदामों में धान की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कवर्धा जिले के संग्रहण केंद्रों से लगभग 7 करोड़ रुपये मूल्य का 7.26 लाख क्विंटल धान गायब पाया गया है, जिसे अधिकारियों द्वारा “चूहे खा गए” बताना हास्यास्पद और गंभीर भ्रष्टाचार को छिपाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि केवल पिछले 10 महीनों में कवर्धा, महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली क्षेत्रों में लगभग 30 करोड़ रुपये मूल्य का धान गायब हुआ है।

इसके अलावा, आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों पर रकबा समर्पण के लिए अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। अब तक लगभग 38 हजार किसानों से 1000 हेक्टेयर से अधिक रकबा दबावपूर्वक समर्पित करवाया जा चुका है, जिससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।

आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था तत्काल पुनः शुरू की जाए, “धान को चूहे खा गए” जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और किसानों पर रकबा समर्पण का दबाव तुरंत बंद किया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।