एमएमआई नारायणा अस्पताल रायपुर में न्यूनतम चीरा हृदय सर्जरी: आधुनिक तकनीक से सुरक्षित और तेज़ इलाज
रायपुर के एमएमआई नारायणा अस्पताल में न्यूनतम चीरा लगाकर की जाने वाली हृदय सर्जरी (एमआईसीएस) के जरिए मरीजों को सुरक्षित, कम दर्द और तेजी से रिकवरी वाला इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर।स्थित एमएमआई नारायणा अस्पताल में हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई क्रांति देखने को मिल रही है। यहां न्यूनतम चीरा लगाकर की जाने वाली हृदय सर्जरी (मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी - एमआईसीएस) के माध्यम से मरीजों को अत्याधुनिक और सुरक्षित उपचार प्रदान किया जा रहा है। वरिष्ठ सलाहकार एवं क्लिनिकल लीड – कार्डियक सर्जरी, डॉ. हरि कुमार पी.के. के नेतृत्व में अस्पताल ने इस तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाया है।
एमआईसीएस पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी से काफी अलग और उन्नत पद्धति है। इसमें बड़े चीरे की बजाय छोटे-छोटे कट के माध्यम से सर्जरी की जाती है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और शरीर पर कम आघात पड़ता है। इस तकनीक में उच्च गुणवत्ता वाली इमेजिंग, विशेष उपकरणों और आधुनिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग किया जाता है, जिससे सटीकता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
एमएमआई नारायणा अस्पताल में इस तकनीक के माध्यम से कई जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। इनमें न्यूनतम चीरे के साथ कोरोनरी धमनी बाईपास सर्जरी (एमआईसीएस सीएबीजी), मिनी-थोराकोटॉमी के जरिए वाल्व रिपेयर और रिप्लेसमेंट, धड़कते दिल की सर्जरी और बाल हृदय शल्य चिकित्सा शामिल हैं। हर मरीज की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्जरी की योजना बनाई जाती है, जिससे सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त हो सकें।
अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, उन्नत इमेजिंग तकनीक और विशेष कार्डियक आईसीयू जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही यहां एक बहुविषयक टीम कार्यरत है, जिसमें कार्डियोलॉजिस्ट, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, इंटेंसिविस्ट और पुनर्वास विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम मरीज को जांच से लेकर ऑपरेशन और रिकवरी तक संपूर्ण देखभाल प्रदान करती है।
एमआईसीएस तकनीक के कई लाभ हैं। इसमें मरीज के शरीर पर छोटे निशान बनते हैं, जिससे बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम मिलते हैं। साथ ही दर्द कम होता है और दर्द निवारक दवाओं की आवश्यकता भी घट जाती है। मरीज को आईसीयू और अस्पताल में कम समय बिताना पड़ता है और वह जल्दी अपने सामान्य जीवन में लौट सकता है।
भारत में हृदय रोगों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐसी आधुनिक तकनीकों की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। एमआईसीएस न केवल सर्जरी को सुरक्षित बनाता है, बल्कि मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर करता है।
एमएमआई नारायणा अस्पताल रायपुर इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और भविष्य में रोबोटिक सर्जरी जैसी उन्नत तकनीकों को भी शामिल करने की दिशा में कार्य कर रहा है। अस्पताल का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उनके घर के पास ही विश्वस्तरीय हृदय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
समर्पण, विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक के समन्वय से एमएमआई नारायणा अस्पताल लगातार लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है और हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।