एमसीबी पुलिस अधीक्षक ने खुद परखी डायल-112 की तत्परता, औचक परीक्षण में समय पर पहुंची टीम

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता परखने के लिए औचक परीक्षण किया। ईमली गोलाई में विवाद की सूचना देकर रिस्पॉन्स टाइम और कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया गया। पुलिस टीम निर्धारित समय में मौके पर पहुंची और सेवा की तत्परता का प्रदर्शन किया।

Jun 25, 2026 - 16:37
Jun 25, 2026 - 16:41
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एमसीबी पुलिस अधीक्षक ने खुद परखी डायल-112 की तत्परता, औचक परीक्षण में समय पर पहुंची टीम

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, एमसीबी l आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता परखने के लिए पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं कंट्रोल रूम में कॉल कर ईमली गोलाई मोड़ पर विवाद और झगड़े की सूचना दी तथा मौके पर पहुंचने में पुलिस टीम द्वारा लिए गए समय और कार्रवाई की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया।

सूचना मिलते ही डायल-112 कंट्रोल रूम ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित टीम को तत्काल अलर्ट किया। पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई और निर्धारित समय के भीतर मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सूचना प्राप्त होने से लेकर मौके पर पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया, रिस्पॉन्स टाइम, टीम की सक्रियता और कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया।

रत्ना सिंह ने बताया कि इस प्रकार के औचक परीक्षणों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों को समय पर और प्रभावी सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में लोगों तक शीघ्र पुलिस सहायता पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से डायल-112 सेवा को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में संचालित नेक्स्ट जेनरेशन डायल-112 वाहन अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं। इन वाहनों में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं, जो चौबीसों घंटे लाइव मोड में संचालित रहते हैं। इससे वाहन की गतिविधियों और घटनास्थल पर की जाने वाली कार्रवाई की निगरानी संभव होती है तथा पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सामान्यतः 10 से 15 मिनट के भीतर सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, जबकि दूरस्थ एवं ग्रामीण इलाकों में भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार यह समय 20 से 25 मिनट तक हो सकता है। विभाग लगातार रिस्पॉन्स टाइम को और बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि जिले में संचालित डायल-112 वाहन स्थानीय थानों के समन्वय से कार्य करते हैं। किसी भी सूचना के प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है, ताकि जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता मिल सके।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने डायल-112 में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं के प्रति संवेदनशील, सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण व्यवहार भी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार ही आमजन के मन में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में बिना संकोच डायल-112 सेवा का उपयोग करें तथा इसका जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करें। साथ ही लोगों से डायल-112 स्टाफ का सहयोग करने का आग्रह किया, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। पुलिस विभाग का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को त्वरित, प्रभावी और भरोसेमंद आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराना है।