महादेव ऐप केस: सौरभ चंद्राकर ओमान में हिरासत में, भारत लाने की प्रक्रिया तेज

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान में कथित रूप से फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल और अवैध प्रवेश के आरोप में हिरासत में लिया गया है। भारतीय एजेंसियां अब उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज कर रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही इस मामले में हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुका है।

Jul 8, 2026 - 14:46
Jul 8, 2026 - 15:09
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महादेव ऐप केस: सौरभ चंद्राकर ओमान में हिरासत में, भारत लाने की प्रक्रिया तेज

UNITED NEWS OF ASIA. महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान में कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट के इस्तेमाल और अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ ओमान में पासपोर्ट संबंधी अपराध का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि इंटरपोल की रेड नोटिस हटवाने की कोशिश सफल नहीं होने के बाद वह ओमान पहुंचा था। अब भारतीय एजेंसियां प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के माध्यम से उसके प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं।

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले को देश के सबसे बड़े कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन किए गए। ईडी का अनुमान है कि इस पूरे मामले का कथित वित्तीय आकार लगभग 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंचता है।

प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रहा है। एजेंसी ने सौरभ चंद्राकर और उससे जुड़े लोगों की भारत और विदेश में स्थित संपत्तियों को भी अटैच किया है। ईडी के अनुसार, अब तक कुल 4,300 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त या कुर्क की जा चुकी हैं। इन संपत्तियों में दुबई स्थित लग्जरी अपार्टमेंट, विला और अन्य अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।

जांच एजेंसियों का आरोप है कि महादेव ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क संचालित किया जाता था, जिसका संचालन विदेश से किया जा रहा था। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

यदि ओमान में चल रही कानूनी प्रक्रिया पूरी होती है और प्रत्यर्पण को मंजूरी मिलती है, तो सौरभ चंद्राकर को भारत लाकर ईडी और सीबीआई उससे विस्तृत पूछताछ कर सकती हैं। माना जा रहा है कि इससे महादेव ऐप मामले की जांच को नई दिशा मिल सकती है। फिलहाल भारतीय एजेंसियां संबंधित देशों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर प्रत्यर्पण प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही हैं।