आरटीओ कार्यालय के सामने संचालित दुकानों को न हटाने की मांग, महापौर संजूदेवी राजपूत ने दिया आश्वासन

कोरबा में आरटीओ कार्यालय के सामने वर्षों से संचालित दुकानों और ठेलों को हटाने के नोटिस के बाद व्यवसायियों ने महापौर संजूदेवी राजपूत से मुलाकात की। महापौर ने आश्वासन दिया कि दुकानों को यथावत रखा जाएगा या हटाने से पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

Jun 11, 2026 - 11:36
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आरटीओ कार्यालय के सामने संचालित दुकानों को न हटाने की मांग, महापौर संजूदेवी राजपूत ने दिया आश्वासन

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l कोरबा में आरटीओ कार्यालय के सामने संचालित दुकानों और ठेलों को हटाने के प्रस्ताव को लेकर व्यवसायियों की चिंता बढ़ गई है। इस बीच नगर निगम कार्यालय साकेत भवन पहुंचकर संबंधित दुकानदारों और ठेला संचालकों ने महापौर संजूदेवी राजपूत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने महापौर को आवेदन सौंपते हुए अनुरोध किया कि उनकी दुकानों और ठेलों को वर्तमान स्थान से न हटाया जाए।

व्यवसायियों ने बताया कि वे पिछले 12 से 13 वर्षों से आरटीओ कार्यालय के सामने दुकान और ठेला संचालित कर रहे हैं। इन दुकानों के माध्यम से वाहन बीमा, ऑनलाइन दस्तावेजी कार्य और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे आम लोगों को भी सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्हें तीन दिन के भीतर दुकानें हटाने का नोटिस मिला है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

दुकानदारों का कहना है कि यदि उन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के वहां से हटाया जाता है, तो उनके परिवारों के सामने आर्थिक कठिनाइयां उत्पन्न हो जाएंगी। कई परिवारों की आजीविका पूरी तरह इन्हीं दुकानों और ठेलों पर निर्भर है। उन्होंने नगर निगम से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने और उनके रोजगार को सुरक्षित रखने की मांग की।

महापौर संजूदेवी राजपूत ने व्यवसायियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन दुकानों और ठेलों के माध्यम से लगभग 25 परिवारों के 100 से अधिक लोगों का जीवन-यापन हो रहा है। ऐसे में उनकी आजीविका को प्रभावित करने वाला कोई भी निर्णय सोच-समझकर लिया जाना चाहिए।

महापौर ने स्पष्ट किया कि संबंधित दुकानदारों को यथासंभव वर्तमान स्थान पर ही बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। यदि किसी कारणवश उन्हें हटाना आवश्यक हुआ तो पहले उनके पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्थापन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को बेरोजगारी या आर्थिक संकट की स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा।

महापौर ने व्यवसायियों को भरोसा दिलाया कि नगर निगम उनके साथ न्याय करेगा और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान रखा जाए और पुनर्वास की स्पष्ट योजना तैयार की जाए।

इस अवसर पर पार्षद अब्दुल रहमान भी मौजूद रहे। उन्होंने भी व्यवसायियों की समस्याओं को उचित बताते हुए उनके रोजगार की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। महापौर के आश्वासन के बाद दुकानदारों और ठेला संचालकों ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि उनके हितों की रक्षा की जाएगी।

नगर निगम की यह पहल रोजगार संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्थानीय व्यवसायियों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी आजीविका को सुरक्षित रखते हुए उचित समाधान निकालेगा।