एमसीबी जिले में 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जीवनदायिनी, दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों के लिए उम्मीद की किरण

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में 108 संजीवनी एक्सप्रेस आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी बनकर उभरी है। प्रसव, सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर स्वास्थ्य संकटों में यह निःशुल्क सेवा लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।

Jun 11, 2026 - 11:43
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एमसीबी जिले में 108 संजीवनी एक्सप्रेस बनी जीवनदायिनी, दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों के लिए उम्मीद की किरण

UNITED NEWS OF ASIA. हेमन्त कुमार, एमसीबी l छत्तीसगढ़ के नवगठित मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। घने जंगल, दुर्गम पहाड़ियां, कच्चे रास्ते और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में बड़ी बाधा बनते रहे हैं। ऐसे कठिन भौगोलिक हालातों के बीच 108 संजीवनी एक्सप्रेस जिले के लोगों के लिए जीवनदायिनी सेवा बनकर उभरी है। संकट के समय इसकी त्वरित उपलब्धता ने हजारों परिवारों को राहत पहुंचाई है और लोगों के मन में भरोसे की नई मिसाल कायम की है।

एमसीबी जिले के कई गांव ऐसे हैं जहां पहले किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाना बेहद कठिन कार्य माना जाता था। आपातकालीन परिस्थितियों में वाहन की अनुपलब्धता कई बार गंभीर समस्याओं का कारण बनती थी। लेकिन अब 108 संजीवनी एक्सप्रेस के माध्यम से मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो रही है। चाहे प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला हो या सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति, एम्बुलेंस की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता प्रदान करती है।

संजीवनी एक्सप्रेस केवल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक चलता-फिरता प्राथमिक चिकित्सा केंद्र भी है। एम्बुलेंस में उपलब्ध ऑक्सीजन, प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक सुविधाएं कई गंभीर मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। दुर्घटना, हृदय रोग अथवा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के मामलों में रास्ते में ही आवश्यक चिकित्सा सहायता देकर मरीजों की जान बचाने में यह सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

वनांचल क्षेत्रों में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एम्बुलेंस स्टाफ की सूझबूझ और तत्परता से चलती एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। इससे न केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुरक्षा मिली है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।

इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह निःशुल्क है। आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। एक फोन कॉल पर सहायता घर तक पहुंच जाना लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है।

संजीवनी एक्सप्रेस की सफलता के पीछे इसके समर्पित ईएमटी और पायलटों का महत्वपूर्ण योगदान है। कठिन मौसम, खराब सड़कें और दुर्गम रास्तों के बावजूद वे दिन-रात मरीजों तक पहुंचने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी सेवाभावना और कर्तव्यनिष्ठा ने इस योजना को जनविश्वास का प्रतीक बना दिया है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले आपातकालीन स्थिति में वाहन की व्यवस्था करने में घंटों लग जाते थे, जबकि अब 108 नंबर डायल करते ही सहायता उपलब्ध हो जाती है। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को गोल्डन ऑवर में उपचार उपलब्ध कराने में इस सेवा का योगदान उल्लेखनीय माना जा रहा है।

एमसीबी जिले में 108 संजीवनी एक्सप्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लक्ष्य को मजबूती प्रदान की है। यह सेवा न केवल आपातकालीन चिकित्सा सहायता का माध्यम है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भरोसे, सुरक्षा और जीवन की नई उम्मीद भी बन चुकी है।