धनीराम बारसे ने कहा कि बजट में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान कर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब विकास की रोशनी अंतिम छोर तक पहुंचेगी। राजधानी रायपुर को आधुनिक और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में मेट्रो रेल सर्वे और एआई सेंटर जैसी घोषणाएं प्रदेश के भविष्य को नई तकनीकी ऊंचाइयों तक ले जाने वाली हैं।
उन्होंने बताया कि बस्तर अंचल के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर मिलेंगे। भानुप्रतापपुर कॉलेज भवन निर्माण के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया गया है।
नगर निकायों के उत्थान के लिए मुख्यमंत्री आदर्श योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, चार नई लाइब्रेरी के लिए 22 करोड़ रुपये तथा पांच नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए 22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, 500 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सूर्य घर योजना के लिए केंद्र के अतिरिक्त 400 करोड़ रुपये का प्रावधान भी इस बजट की प्रमुख विशेषता है।
धनीराम बारसे ने बताया कि स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर सरकार ने विशेष फोकस किया है। आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये, मितानिनों के लिए 350 करोड़ रुपये की कल्याण निधि, रायपुर स्थित मेकाहारा में एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 10 करोड़ रुपये तथा कांकेर में नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में पांच सरकारी कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए 15 करोड़ रुपये, नीट और क्लैट जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 35 करोड़ रुपये की कोचिंग सहायता, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु मेगा परीक्षा केंद्रों की स्थापना के लिए 25 करोड़ रुपये तथा उच्च शिक्षा विश्वविद्यालयों के लिए 731 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
धनीराम बारसे ने बताया कि खाद्यान्न योजना के अंतर्गत मुफ्त चावल और राशन के लिए 5000 करोड़ रुपये, विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लिए 1422 करोड़ रुपये तथा महिलाओं के उत्थान हेतु मितानिन कल्याण निधि को और सशक्त किया गया है। पर्यटन क्षेत्र में बस्तर के होम-स्टे और मैनपाट के विकास के लिए विशेष फंड भी रखा गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों के हित में इंद्रावती नदी पर लगभग 2400 करोड़ रुपये की लागत से बैराज निर्माण तथा कांकेर जिले की मेढ़की नदी पर बैराज निर्माण का निर्णय सिंचाई और जल प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जल संसाधन विभाग के लिए 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान तथा 206 गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
अंत में धनीराम बारसे ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ को तकनीकी, शैक्षिक और बुनियादी रूप से सशक्त बनाते हुए समग्र विकास की नई दिशा देगा और वास्तव में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।