दुर्ग जिले में फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट से सफाई व्यवस्था मजबूत, सेप्टिक टैंक सफाई के लिए नई सुविधा शुरू
दुर्ग जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 5 फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन ने सेप्टिक टैंक सफाई के लिए विशेष वाहन और संपर्क सुविधा उपलब्ध कराई है।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल दुर्ग। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत दुर्ग जिले में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में कुल 5 फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन सक्रिय रूप से किया जा रहा है। ये प्लांट ग्राम पंचायत कोलिहापुरी, पथरिया, लिटिया (धमधा), पतोरा और रानीतरई (पाटन) में संचालित हैं।
जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सेप्टिक टैंक की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जनपद पंचायत दुर्ग के लिए डीएमएफ मद से सक्शन मशीन युक्त वाहन उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही धमधा और पाटन जनपद के लिए भी राज्य स्तर से ऐसे वाहन पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बजरंग दुबे ने जानकारी दी कि इन प्लांट्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित सेप्टिक टैंकों की वैज्ञानिक तरीके से सफाई की जा रही है। इसके लिए जिला और विकासखंड स्तर पर संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि ग्रामीण आसानी से इस सेवा का लाभ उठा सकें।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने घरों में बने सेप्टिक टैंक को हर 3 से 4 वर्षों में अनिवार्य रूप से खाली कराएं। निर्धारित नंबरों पर संपर्क करने पर सक्शन मशीन युक्त वाहन भेजकर न्यूनतम दर पर टैंक की सफाई की जाएगी और अपशिष्ट का सुरक्षित निपटान फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में किया जाएगा।
हाल ही में यह भी सामने आया था कि अन्य राज्यों से आए कुछ निजी वाहन संचालक ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक राशि लेकर सेप्टिक टैंक खाली कर रहे थे और गंदे पानी को खुले स्थानों या नहरों में फेंक रहे थे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी फैल रही थी और जनजीवन प्रभावित हो रहा था।
इस मामले में ग्राम पंचायत धौराभाटा (पाटन) के ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना उतई द्वारा एफआईआर दर्ज कर संबंधित निजी वाहन पर कार्रवाई की गई। इसी तरह धमधा क्षेत्र के मुरमुंदा में भी नहर में अपशिष्ट जल फेंकने के मामले में थाना नंदनी नगर द्वारा कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अधिकृत सेवाओं का ही उपयोग करें और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।