बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने कलेक्टर अजीत वसंत सख्त, रणनीति बनाकर पढ़ाने के दिए निर्देश
अंबिकापुर में कलेक्टर अजीत वसंत ने 80 प्रतिशत से कम बोर्ड परीक्षा परिणाम वाले शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए ठोस रणनीति के साथ पढ़ाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस कर रिजल्ट 95 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य तय किया।
UNITED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर,सरगुजा अंबिकापुर। कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में विगत शैक्षणिक सत्र में 80 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले जिले के शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
कलेक्टर वसंत ने बैठक के दौरान स्कूलवार बोर्ड परीक्षा परिणामों का गहन विश्लेषण किया और प्राचार्यों से कम परिणाम के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं में अब बहुत कम समय शेष है, इसलिए पूरी गंभीरता के साथ विद्यार्थियों की तैयारी कराई जाए। उन्होंने कहा कि अब सामान्य पढ़ाई नहीं, बल्कि रिजल्ट ओरिएंटेड तैयारी का समय है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कठिन विषयों पर विद्यार्थियों को लगातार अभ्यास कराया जाए। कमजोर छात्रों की पहचान कर उन पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा विषयवार ब्लूप्रिंट की स्पष्ट जानकारी दी जाए। साथ ही पूर्व वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्न पत्र हल कराकर बच्चों की तैयारी को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर संभव प्रयास कर जिले का परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने विद्यालयों में शिक्षकों और व्याख्याताओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की। जिन स्कूलों में व्याख्याताओं की कमी है, उसकी जानकारी तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शाला विकास समितियां इस सत्र के लिए शीघ्र योग्य अतिथि शिक्षकों का चयन करें, ताकि पढ़ाई बाधित न हो।
अनुशासन के मुद्दे पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिना सूचना के अनुपस्थित रहने, अनुशासनहीनता या मनमानी करने वाले व्याख्याताओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही आगामी सत्र के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को अभी से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि सरगुजा जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, इसलिए विद्यार्थियों की समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक समझना आवश्यक है। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत चुनौती मानकर उसकी सफलता सुनिश्चित करें।