सुशासन शिविर के अंतिम दिन जनकपुर में 110 दिव्यांगों का परीक्षण, 89 को घर बैठे मिलेगा प्रमाण-पत्र

सुशासन शिविर के अंतिम दिन जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित विशेष जांच शिविर में 110 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया गया। इनमें से 89 पात्र हितग्राहियों को प्रशासन द्वारा उनके घर पहुंचकर दिव्यांग प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।

Jun 11, 2026 - 11:23
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सुशासन शिविर के अंतिम दिन जनकपुर में 110 दिव्यांगों का परीक्षण, 89 को घर बैठे मिलेगा प्रमाण-पत्र

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l सुशासन शिविर कार्यक्रम के अंतिम दिन जिला एमसीबी के वनाच्छादित भरतपुर विकासखंड अंतर्गत जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दिव्यांगजनों के लिए विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित इस शिविर का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों को उनके घर के नजदीक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना था।

जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में सिविल सर्जन के नेतृत्व में छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड जनकपुर पहुंचा और दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं दिव्यांगता मूल्यांकन किया। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन पहुंचे और जांच प्रक्रिया का लाभ उठाया।

शिविर के दौरान कुल 110 आवेदकों का परीक्षण किया गया। विस्तृत चिकित्सकीय जांच और निर्धारित मानकों के आधार पर 89 लोगों को दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए पात्र पाया गया। प्रशासन ने इन पात्र हितग्राहियों को बड़ी राहत देते हुए प्रमाण-पत्र वितरण की विशेष व्यवस्था की है।

खंड चिकित्सा अधिकारी जनकपुर के अनुसार पात्र हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रशासनिक अमला स्वयं उनके घर पहुंचकर दिव्यांग प्रमाण-पत्र वितरित करेगा। इससे दिव्यांगजनों और उनके परिवारों को समय, धन और श्रम की बचत होगी।

सामान्यतः मेडिकल बोर्ड की बैठक और दिव्यांगता परीक्षण की प्रक्रिया मनेंद्रगढ़ में आयोजित की जाती है, जहां दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। भरतपुर विकासखंड के वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार मेडिकल बोर्ड ने जनकपुर में ही शिविर आयोजित किया। इस निर्णय से सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को यात्रा संबंधी कठिनाइयों से राहत मिली।

स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि सुदूर क्षेत्रों में ऐसे शिविरों के आयोजन से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए घर के नजदीक जांच और प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना संवेदनशील एवं जनहितैषी कदम है।

सुशासन शिविर के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि शासन की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना है। दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह विशेष शिविर न केवल सेवा और संवेदनशीलता का उदाहरण बना, बल्कि यह भी साबित करता है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक सरकारी सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती हैं।

जनकपुर में आयोजित यह शिविर सुशासन तिहार के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिससे दिव्यांगजनों को सम्मान, सुविधा और अधिकारों तक सरल पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।