राज्य में किसानों के हित में लगातार किए जा रहे प्रयासों के तहत यह महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिले, ताकि वे खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को बिना किसी परेशानी के पूरा कर सकें और आने वाले खरीफ सीजन की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें।
कवर्धा जिले के ग्राम खिरशाली के किसान मूलचंदन पाटिल बताते हैं कि उन्होंने इस वर्ष धान खरीदी केंद्र में 31.20 क्विंटल धान बेचा था। उन्हें समर्थन मूल्य की राशि पहले ही समय पर मिल चुकी है और अब अंतर राशि भी होली से पहले मिलने की जानकारी से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। वे कहते हैं कि इस सहायता से वे बच्चों के लिए कपड़े, घर की जरूरी सामग्री और त्योहार की तैयारियां कर पाएंगे।
इसी तरह ग्राम छांटा के किसान भोलाराम चंद्रवंशी ने बताया कि वे 5.57 एकड़ में धान तथा शेष भूमि में गन्ने की खेती करते हैं। इस सीजन उन्होंने 84.40 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। समय पर भुगतान से उनकी आर्थिक चिंता काफी हद तक दूर हो गई है। होली से पहले अंतर राशि मिलने से वे खेती से जुड़े छोटे-बड़े खर्च और पारिवारिक जरूरतें आसानी से पूरी कर सकेंगे।
ग्राम मोटियारी के किसान मेलनराम जायसवाल ने भी सरकार के इस निर्णय पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने इस वर्ष लगभग 212 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा है। उनका कहना है कि मूल भुगतान मिलने के बाद अब अंतर राशि की घोषणा ने उनके भविष्य की योजनाओं को नई दिशा दी है। वे इस राशि से ट्रैक्टर ट्रॉली खरीदने की योजना बना रहे हैं, जिससे खेती का कार्य आसान होगा और आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।
किसानों का मानना है कि त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलना उनके लिए बड़ी राहत है। इससे न केवल परिवार की जरूरतें पूरी होती हैं, बल्कि खेती के अगले चक्र की तैयारी भी समय पर हो पाती है। सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय किसानों के आत्मविश्वास को मजबूत कर रहा है और यह संदेश दे रहा है कि अन्नदाता की खुशहाली राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में यह सहायता राशि बाजार में भी रौनक लाएगी। कपड़े, खाद-बीज, कृषि उपकरण और घरेलू जरूरतों की मांग बढ़ने से स्थानीय व्यापार को लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। किसानों का कहना है कि इस पहल से न केवल होली की खुशियां दोगुनी होंगी, बल्कि आने वाला खेती का मौसम भी अधिक सशक्त और सुरक्षित बनेगा।