बैठक में तकनीकी सहायक, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और आवास मित्रों सहित सभी मैदानी कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी से उनके-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी ली गई और कार्यों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों को पहली किस्त की राशि मिल चुकी है, लेकिन उन्होंने अभी तक आवास निर्माण शुरू नहीं किया है, वे तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ करें।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन आवासों को द्वितीय और तृतीय किस्त की राशि जारी हो चुकी है, उनका निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाए। विशेष रूप से ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए उन्होंने छत ढलाई कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि पानी की कमी से पहले निर्माण कार्य पूरा हो सके।
सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि आवास निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने और हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने की अपेक्षा की।
बैठक में जल संरक्षण के मुद्दे पर भी विशेष जोर दिया गया। सीईओ ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर स्वीकृत आवासों में सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए निर्माण के दौरान बची हुई सामग्री जैसे ईंट के टुकड़े, रेत और गिट्टी का उपयोग करने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए क्लस्टर बनाकर कार्य करने पर भी जोर दिया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को इस कार्य में शामिल कर प्रत्येक घर तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इससे न केवल कार्य की गति बढ़ेगी, बल्कि गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
समीक्षा बैठक के दौरान कई तकनीकी समस्याओं जैसे जियो टैगिंग, खाता सत्यापन और आधार वेरिफिकेशन से संबंधित मुद्दों का समाधान भी किया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही इन समस्याओं के समाधान के उपाय बताए, जिससे कार्य में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।
इस अवसर पर जनपद पंचायत पंडरिया के सीईओ, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के जिला समन्वयक, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी, विकासखंड समन्वयक सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर यह बैठक प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई, जिससे जिले में आवास निर्माण कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।