जशपुर में ‘जश-लर्न’ मिशन की शुरुआत, अब मोबाइल पर मिलेगी गणित की व्यक्तिगत कोचिंग

जशपुर जिले में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गणित में दक्ष बनाने के लिए ‘जश-लर्न’ मिशन शुरू किया गया है। कर्नाटक के सफल कनेक्टेड मॉडल पर आधारित इस पहल के तहत शिक्षक स्कूल समय के बाद मोबाइल फोन के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत गणित कोचिंग देंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य बुनियादी गणितीय दक्षता और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाना है।

Jun 25, 2026 - 11:52
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जशपुर में ‘जश-लर्न’ मिशन की शुरुआत, अब मोबाइल पर मिलेगी गणित की व्यक्तिगत कोचिंग

UNITED NEWS OF ASIA. योगेश यादव, जशपुर l सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गणित में मजबूत बनाने के उद्देश्य से जशपुर जिले में एक नई शैक्षणिक पहल की शुरुआत की गई है। कर्नाटक में सफल रहे कनेक्टेड मॉडल से प्रेरित ‘जश-लर्न’ मिशन के तहत अब शिक्षक स्कूल समय के बाद मोबाइल फोन के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से गणित की कोचिंग देंगे। शिक्षा विभाग और यूथ इम्पैक्ट के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई इस पहल को बुनियादी गणितीय दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस कार्यक्रम की शुरुआत के तहत बुधवार को आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, बगीचा के सभागार में संकुल समन्वयकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कार्यक्रम के संचालन की प्रक्रिया, विद्यार्थियों के चयन, अभिभावकों की भागीदारी और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षक सुभाष प्रभाकरन ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम चरण में कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। स्कूल समय समाप्त होने के बाद गणित शिक्षक ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करेंगे जिन्हें विषय में अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है। इसके बाद अभिभावकों की सुविधा के अनुसार समय निर्धारित कर शिक्षक सीधे मोबाइल फोन पर विद्यार्थियों से संपर्क करेंगे और उन्हें गणित की मूलभूत अवधारणाएं समझाएंगे। विशेष रूप से भाग जैसी जटिल प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाने पर ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक फोन कॉल लगभग 30 मिनट से एक घंटे तक की होगी। इस दौरान शिक्षक विद्यार्थियों की सीखने की गति के अनुसार व्यक्तिगत मार्गदर्शन देंगे। जब विद्यार्थी निर्धारित स्तर की दक्षता प्राप्त कर लेंगे, तब अन्य विद्यार्थियों को भी चरणबद्ध तरीके से इस कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करना विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि ‘जश-लर्न’ मिशन के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग मिलेगा। इससे गणित के प्रति बच्चों का डर कम होगा, आत्मविश्वास बढ़ेगा और सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों की पढ़ाई पर नियमित निगरानी संभव होगी और सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। यह मॉडल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीआरसीसी कृष्ण कुमार राठौर, एबीओ दिलीप टोप्पो, एमआईएस प्रभारी ममता शर्मा सहित विकासखंड के सभी संकुलों के सीएसी उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि ‘जश-लर्न’ मिशन के माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की गणितीय क्षमता में सुधार होगा और भविष्य में इसे अन्य कक्षाओं एवं विषयों तक भी विस्तार दिया जा सकेगा।