पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी टिकेश्वर उर्फ टी.आर. साहू पुलिस कार्यालय पहुंचा और सीधे पुलिस अधीक्षक के कक्ष में घुसने का प्रयास करने लगा। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह विवाद करते हुए जबरन अंदर जाने की कोशिश करता रहा। इस दौरान उसने पुलिस स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की भी की।
आरोपी की गतिविधि संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसकी तलाशी ली, जिसमें उसके पास से कीटनाशक दवा का खुला पैकेट बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले ही जहर का सेवन कर चुका है और अपनी शिकायत पर कार्रवाई करवाने के लिए ऐसा कदम उठाया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसकी सूचना प्रभारी पुलिस अधीक्षक Nivedita Paul, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Umesh Kashyap तथा नगर पुलिस अधीक्षक Yogita Bali Khaparde को दी गई। अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी को तुरंत जिला अस्पताल जांजगीर में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया था। उसने न केवल जहर का सेवन किया, बल्कि शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए जबरन कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश भी की।
इस मामले में थाना सिटी कोतवाली जांजगीर में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 304/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 232 और 226 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उपचार के बाद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया और पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
बाद में आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, उपनिरीक्षक बेलसज्जर लकड़ा, प्रधान आरक्षक राकेश तिवारी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और इस प्रकार के गैरकानूनी दबाव बनाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए वैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके अपनाएं।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कुछ लोग अपनी मांगों को मनवाने के लिए गलत रास्ता अपनाने से भी नहीं हिचकते। ऐसे मामलों में पुलिस की सख्ती आवश्यक मानी जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।