मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बंद की पायलट और फॉलो गाड़ियां, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपने सरकारी दौरों में पायलट और फॉलो गाड़ियों का उपयोग बंद करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरित इस निर्णय को सादगी, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और सरकारी संसाधनों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ा और अनुकरणीय निर्णय लिया है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने सरकारी भ्रमण और आवागमन के दौरान पायलट एवं फॉलो गाड़ियों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया है। उनके इस निर्णय को सादगी, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बताया गया है कि यह निर्णय प्रधानमंत्री Narendra Modi के पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर किए गए आह्वान से प्रेरित होकर लिया गया है। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का कहना है कि प्रधानमंत्री का संदेश केवल एक अपील नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में जनभागीदारी का व्यापक अभियान है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि देश को केवल तेज विकास ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार और सतत विकास की आवश्यकता है। उनका मानना है कि ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और शासकीय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई दिशा तैयार होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में योगदान दे। यदि आमजन और जनप्रतिनिधि मिलकर संसाधनों के संतुलित उपयोग को प्राथमिकता देंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण तैयार किया जा सकेगा।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के इस फैसले को प्रशासनिक सादगी और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। आमतौर पर मंत्रियों और बड़े जनप्रतिनिधियों के दौरे में पायलट और फॉलो गाड़ियों का उपयोग किया जाता है, जिससे अतिरिक्त ईंधन खर्च और संसाधनों का उपयोग होता है। ऐसे में उनका यह कदम सरकारी संसाधनों की बचत और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दे रहा है।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस निर्णय की सराहना की जा रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इसे प्रेरणादायी पहल बताया है। लोगों का कहना है कि यदि शासन और प्रशासन से जुड़े लोग इस प्रकार के निर्णय लेते हैं, तो समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और आमजन भी प्रेरित होते हैं।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक ऊर्जा बचत, ईंधन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े परिवर्तनों की नींव बनते हैं और सामूहिक भागीदारी से ही राष्ट्र को मजबूत बनाया जा सकता है।
उनका यह फैसला न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि यह जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता का भी संदेश देता है।