गुरु घासीदास बाबा पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा- आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं
महासमुंद में गुरु घासीदास बाबा के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी, जातिसूचक गाली-गलौज और मारपीट के मामले में पुलिस ने आरोपी हर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि समाज की धार्मिक आस्था और सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. महासमुंद l महासमुंद जिले में गुरु घासीदास बाबा के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी, जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला महासमुंद के एक बार परिसर में हुए विवाद से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विवाद के दौरान आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी तथा सतनामी समाज के आराध्य गुरु घासीदास बाबा के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामला अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर दोषी के विरुद्ध कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि गुरु घासीदास बाबा का संदेश सत्य, समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की धार्मिक आस्था या महापुरुषों का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में वैमनस्य फैलाने, जातीय विद्वेष बढ़ाने अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति समाज के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे समाज में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
पुलिस के अनुसार, प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(3) सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।