सोमनाथ स्वाभिमान स्मृति वर्ष पर शिवभक्ति में डूबा कोरबा, जिलेभर में हुए भव्य धार्मिक आयोजन

सोमनाथ महादेव मंदिर के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भाजपा द्वारा मनाए जा रहे “सोमनाथ स्वाभिमान स्मृति वर्ष” के अंतर्गत कोरबा जिले में भव्य धार्मिक आयोजन हुए। शिव मंदिरों में जलाभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और सनातन संस्कृति के गौरव का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

Jan 10, 2026 - 15:21
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सोमनाथ स्वाभिमान स्मृति वर्ष पर शिवभक्ति में डूबा कोरबा, जिलेभर में हुए भव्य धार्मिक आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA.भूपेंद्र साहू, कोरबा। सनातन आस्था, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना के अमर प्रतीक विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ महादेव मंदिर के एक हजार वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा वर्ष 2026 को “सोमनाथ स्वाभिमान स्मृति वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 जनवरी को कोरबा जिले में श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रगौरव से ओत-प्रोत भव्य धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया।

भाजपा जिला संगठन के आह्वान पर जिलेभर के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख शिव मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया तथा महामृत्युंजय मंत्र का सामूहिक जाप कर सोमनाथ मंदिर की गौरवशाली, प्राचीन एवं अलौकिक परंपरा का स्मरण किया गया। पूरे जिले के शिवालय हर-हर महादेव के जयघोष और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठे, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय बन गया।

इसी कड़ी में रविशंकर नगर स्थित कपिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। यहां उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष  गोपाल मोदी एवं महापौर संजू देवी राजपूत की गरिमामयी उपस्थिति में भगवान शिव का दर्शन, जलाभिषेक एवं महामृत्युंजय मंत्र का सामूहिक पाठ किया गया। इस अवसर पर सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक एकता के संकल्प को दोहराया गया।

कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, रुक्मणी नायर, जिला मंत्री कमला बरेठ, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, सह मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र यादव, मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु नागरिक उपस्थित रहे।

जिलेभर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सोमनाथ मंदिर की अक्षुण्ण श्रद्धा, शिवभक्ति और सनातन स्वाभिमान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी बना। इस आयोजन ने सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करते हुए राष्ट्रगौरव और सामाजिक एकता की भावना को और अधिक मजबूत किया।