गनियारी के हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम होगा डॉ. तीजन बाई के नाम पर, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की घोषणा

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने गनियारी पहुंचकर पद्म विभूषण से सम्मानित लोक कलाकार डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर "डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय" रखा जाएगा।

Jul 5, 2026 - 15:52
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गनियारी के हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम होगा डॉ. तीजन बाई के नाम पर, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की घोषणा

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिले के गनियारी गांव में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्री उनके निवास पहुंचे, जहां उन्होंने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद वे अंतिम यात्रा में भी शामिल हुए और दाह संस्कार कार्यक्रम तक उपस्थित रहकर दिवंगत लोक कलाकार को अंतिम विदाई दी।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए गजेन्द्र यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी अद्भुत कला-साधना, ओजस्वी प्रस्तुति और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण के माध्यम से पंडवानी जैसी पारंपरिक लोककला को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उनकी कला में छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध, लोकजीवन की संवेदनाएं और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम दिखाई देता था।

उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई का निधन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका पूरा जीवन लोक परंपराओं, कला और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने संघर्ष और प्रतिभा के दम पर यह साबित किया कि गांव की धरती से निकलकर भी विश्व के सर्वोच्च मंचों तक पहुंचा जा सकता है। उनकी जीवन यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने डॉ. तीजन बाई के सम्मान में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि गनियारी स्थित शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम बदलकर "डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी" रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार की ओर से महान लोक कलाकार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगा और विद्यार्थियों को उनके जीवन, संघर्ष और सांस्कृतिक योगदान से प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा।

गजेन्द्र यादव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपने अद्वितीय योगदान से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व स्तर पर स्थापित किया। उनकी अमर प्रस्तुतियां, ओजस्वी वाणी और लोककला के प्रति समर्पण हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना भी की।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कलाकार, समाजसेवी, ग्रामीण और उनके प्रशंसक उपस्थित रहे। सभी ने नम आंखों से डॉ. तीजन बाई को अंतिम विदाई देते हुए उनके योगदान को याद किया। उपस्थित लोगों ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का नाम केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि भारतीय लोककला के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा और उनका जीवन नई पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता रहेगा।