UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा जिले के नगरीय क्षेत्रों में पात्र और आवासहीन परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से पट्टा सर्वे अभियान शुरू किया जा रहा है। इस संबंध में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर गोपाल वर्मा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पालिका परिषद कवर्धा, नगर पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, एल्डरमैन और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पट्टा सर्वे पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र और आवासहीन परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसलिए सर्वे के दौरान किसी भी पात्र हितग्राही का नाम छूटना नहीं चाहिए तथा प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण किया जाए।
प्रशासन ने बताया कि पट्टाधृति अधिकार नियम-2023 के तहत नगर क्षेत्रों में पात्र आवासहीन परिवारों को अधिकतम 800 वर्गफीट तक नवीन पट्टा प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा अतिरिक्त कब्जे वाली भूमि के नियमितीकरण, अनियमित अथवा अवैध पट्टा हस्तांतरण के नियमितीकरण और भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े मामलों का भी सर्वे कर परीक्षण किया जाएगा।
सर्वे अभियान को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 6 जुलाई से 8 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। कवर्धा नगर में ये शिविर वीर सावरकर भवन, पीजी कॉलेज डोम परिसर और ठाकुर पारा भवन में लगाए जाएंगे। शिविरों में नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे, आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी तथा पट्टा और भूमि नियमितीकरण से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
विशेष शिविरों के बाद 9 जुलाई 2026 से गठित सर्वे दल नगर निकायों के प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर सर्वे कार्य प्रारंभ करेंगे। सर्वे टीम निर्धारित प्रारूप के अनुसार जानकारी एकत्र करेगी, उसका भौतिक सत्यापन करेगी तथा पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार करेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि संपूर्ण सर्वे कार्य 10 अगस्त 2026 से पहले पूरा कर लिया जाए, ताकि पात्र लोगों को जल्द से जल्द पट्टा और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसहभागिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार तक सूचना पहुंचाई जाए और सर्वे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों में आयोजित शिविरों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचें तथा सर्वे दलों को सही जानकारी उपलब्ध कराकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से नगरीय क्षेत्रों के हजारों पात्र परिवारों को स्थायी आवासीय अधिकार प्राप्त करने में मदद मिलेगी।