बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के आरोपों पर जांच तेज, 4 सदस्यीय समिति गठित

बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

Jul 5, 2026 - 15:31
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बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के आरोपों पर जांच तेज, 4 सदस्यीय समिति गठित

UNITED NEWS OF ASIA. उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामला सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने इसकी गंभीरता को देखते हुए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोप लगाया गया है कि बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायक द्वारा बद्रीनाथ मंदिर में प्राप्त चढ़ावे में अनियमितता की गई है। आरोप सामने आते ही मंदिर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों में हलचल मच गई। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति में समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। इसकी जानकारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने दी।

जांच समिति पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की समीक्षा करेगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की विधानसभा की संयुक्त समिति (जेपीसी) अथवा न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।

गणेश गोदियाल ने कहा कि मंदिर किसी राजनीतिक दल या सरकार की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल बदरी-केदार मंदिर समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। समिति का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच श्रद्धालुओं और आम लोगों की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।