1 सितंबर से बिजली कनेक्शनों की ई-केवाईसी, कबीरधाम में 2.03 लाख कनेक्शनों का होगा सत्यापन
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों और रिकॉर्ड को अद्यतन एवं पारदर्शी बनाने के लिए 1 सितंबर 2026 से ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कबीरधाम जिले के 2 लाख 3 हजार 931 बिजली कनेक्शनों का सत्यापन होगा। प्रक्रिया के दौरान वैध उपभोक्ताओं के साथ मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज और अनधिकृत कनेक्शनों की भी पहचान की जाएगी।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले में विद्युत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों और रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 1 सितंबर 2026 से ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा जिले के 2 लाख 3 हजार 931 बिजली कनेक्शनों का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि बिजली कनेक्शन जिस व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, वह वास्तविक और वैध उपभोक्ता है तथा वर्तमान में उस कनेक्शन का उपयोग कौन कर रहा है।
ई-केवाईसी के जरिए विद्युत कंपनी अपने उपभोक्ता रिकॉर्ड को व्यवस्थित और अद्यतन कर सकेगी। इससे वास्तविक उपभोक्ताओं का प्रमाणिक डेटाबेस तैयार करने में भी सहायता मिलेगी। प्रक्रिया के दौरान ऐसे कनेक्शनों की पहचान भी की जा सकेगी, जिनकी जानकारी लंबे समय से अपडेट नहीं हुई है या जिनका उपयोग अनधिकृत तरीके से किया जा रहा है।
कई मामलों में उपभोक्ता की मृत्यु के बाद भी बिजली कनेक्शन पुराने उपभोक्ता के नाम पर दर्ज रहता है। ई-केवाईसी के माध्यम से ऐसे कनेक्शनों की पहचान की जा सकेगी। वर्तमान उपयोगकर्ता की जानकारी सामने आने के बाद नियमानुसार नाम परिवर्तन और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। इसी तरह अनधिकृत या अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे कनेक्शनों को चिन्हित करने में भी यह प्रक्रिया मददगार होगी।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ई-केवाईसी के तीन विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। उपभोक्ता मोर बिजली मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन ई-केवाईसी कर सकेंगे। इसके अलावा नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में जाकर अधिकृत कर्मचारियों की सहायता से ई-केवाईसी कराया जा सकेगा। तीसरे विकल्प के तहत मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचकर मोबाइल एप के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करेगा।
ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता की पहचान का सत्यापन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से किया जा सकेगा। इसके लिए ओटीपी, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन जैसे विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है। विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क होगी और इसके लिए उपभोक्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ई-केवाईसी के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें। यदि कोई व्यक्ति ई-केवाईसी के लिए राशि की मांग करता है तो इसकी सूचना संबंधित विद्युत कार्यालय को दी जाए। उपभोक्ताओं को केवल अधिकृत माध्यमों से ही प्रक्रिया पूरी करने और किसी संदिग्ध लिंक या अनधिकृत ऑनलाइन माध्यम का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है।
ई-केवाईसी को विद्युत कंपनी के उपभोक्ता डेटाबेस को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे वैध उपभोक्ताओं की पहचान के साथ मृत उपभोक्ताओं के नाम पर दर्ज कनेक्शनों और अनधिकृत उपयोग की जानकारी अपडेट करने में सहायता मिलेगी। कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से 1 सितंबर से शुरू होने वाली ई-केवाईसी प्रक्रिया में सहयोग करने और अपने बिजली कनेक्शन का सत्यापन कराने की अपील की है।