चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को लेकर स्कूलों में जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को दी सुरक्षा की जानकारी
कबीरधाम जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य के तहत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को लेकर स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, आपात सहायता, बाल श्रम, बाल विवाह, गुमशुदगी और सेफ टच एवं अनसेफ टच की जानकारी दी जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य के अंतर्गत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले के चारों विकासखंडों के स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा और चाइल्ड हेल्पलाइन की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसी अभियान के तहत शासकीय हाई स्कूल राम्हेपुर में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद कुमार तिवारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंचल यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और जरूरत के समय उपलब्ध सहायता व्यवस्था के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 बच्चों की सहायता के लिए उपलब्ध निशुल्क फोन आउटरीच सेवा है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा सकती है।
कार्यक्रम में महेश कुमार निर्मलकर ने विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए यह सहायता व्यवस्था महत्वपूर्ण है। अनाथ, बेसहारा, घुमंतू, गुमशुदा बच्चों के साथ ही बाल श्रम या बाल विवाह से जुड़े मामलों में भी 1098 के माध्यम से मदद प्राप्त की जा सकती है। बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा महसूस होने पर विश्वसनीय व्यक्ति और संबंधित सहायता व्यवस्था से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को सेफ टच और अनसेफ टच के बारे में भी समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज या असुरक्षित महसूस कराने वाला स्पर्श करता है, तो इस बारे में चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षक, परिवार के किसी विश्वसनीय सदस्य या अन्य भरोसेमंद व्यक्ति को तुरंत जानकारी देना जरूरी है। बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी भी असहज स्थिति को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया जा रहा है कि बाल श्रम, बाल विवाह, गुमशुदगी और अन्य परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा के लिए समय पर सूचना देना महत्वपूर्ण है। जागरूकता का उद्देश्य बच्चों को ऐसी परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के सही माध्यमों की जानकारी देना है, ताकि वे जरूरत पड़ने पर स्वयं या किसी अन्य बच्चे के लिए मदद मांग सकें।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के अन्य स्कूलों में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक बच्चे चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी से परिचित हों और जरूरत के समय उपलब्ध सहायता का उपयोग कर सकें।