डुमरतराई में जलभराव रोकने निगम की पहल, कच्चा नाला खोदकर बनाई जल निकासी व्यवस्था
रायपुर नगर निगम ने डुमरतराई क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए पोकलेन मशीन की सहायता से कच्चा नाला खोदकर जल निकासी की व्यवस्था की। यह कार्य जोन 10 के वार्ड 53 में किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से रायपुर नगर निगम ने डुमरतराई क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया है। नगर निगम के जोन क्रमांक 10 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 53 में डुमरतराई श्मशानघाट के पास पोकलेन मशीन की सहायता से कच्चा नाला खोदकर वर्षा जल की सुचारु निकासी की व्यवस्था की गई।
नगर निगम के अनुसार डुमरतराई क्षेत्र में हर वर्ष भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय नागरिकों को आवागमन सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में जोन 10 प्रशासन ने समय रहते जल निकासी के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
जोन 10 के जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्य प्रारंभ कराया। इस दौरान जोन स्वास्थ्य अधिकारी अमित बेहरा की उपस्थिति में पोकलेन मशीन से कच्चा नाला तैयार किया गया, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी रुकावट के बाहर निकल सके और क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान शहर के संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी जल निकासी में बाधा की संभावना है, वहां समय रहते सफाई, नालों की खुदाई और अवरोध हटाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से बचाना और शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था होने से बारिश के दौरान सड़कों और आसपास के इलाकों में पानी भरने की समस्या काफी हद तक कम होगी। इससे आवागमन भी सुगम रहेगा और जलभराव से होने वाली अन्य दिक्कतों से राहत मिलेगी।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे नालों और जल निकासी मार्गों में कचरा न डालें तथा स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन और नागरिकों की सहभागिता से ही जलभराव जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं, ताकि पूरे मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।